मद्रास हाई कोर्ट ने बेदी को सरकार के कार्यो में हस्तक्षेप करने से रोका

चेन्नई : मद्रास हाई कोर्ट ने पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी के अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि बेदी राज्य सरकार के रोजमर्रा के कार्यो में हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं। मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने अदालत के फैसले को लोकतंत्र की जीत करार दिया है।

हाई कोर्ट की मदुरै पीठ के जस्टिस आर महादेवन ने कांग्रेस विधायक के लक्ष्मीनारायणन की याचिका को स्वीकार करते हुए प्रशासक के अधिकारों को बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी और जून 2017 में जारी दो आदेशों को भी खारिज कर दिया।

दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच के मतभेदों का उल्लेख करते हुए जस्टिस महादेवन ने कहा कि दिल्ली सरकार पर लगाई गई पाबंदियां पुडुचेरी सरकार पर लागू नहीं हैं। जज ने कहा कि शीर्ष अदालत ने स्पष्ट माना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पुडुचेरी में अंतर है।

जज ने कहा, ‘यद्यपि कि पुडुचेरी एक राज्य नहीं है, लेकिन उसकी विधान सभा के पास वही अधिकार हैं जो एक राज्य की विधान सभा के होते हैं।’

कई मसलों पर किरण बेदी के साथ अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले मुख्यमंत्री नारायणसामी ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि फैसला ऐतिहासिक और लोकतंत्र की जीत को प्रदर्शित करने वाला है। वहीं, किरण बेदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘हम अभी फैसले का अध्ययन कर रहे हैं।’

जस्टिस महादेवन ने अपने आदेश में कहा, ‘उप राज्यपाल सरकार के दिन-प्रति-दिन के कार्यो में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसले सचिवों और अन्य अधिकारियों के लिए बाध्यकारी हैं।’

फैसले के बाद लक्ष्मीनारायणन ने बताया कि अदालत ने कहा कि किरण बेदी को फाइलें मंगाने और अधिकारियों को आदेश देने का अधिकार नहीं है। प्रशासकीय और वित्तीय अधिकार चुनी हुई सरकार के पास ही हैं और उप राज्यपाल को मंत्रिमंडल की सलाह पर ही काम करना होगा।

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