नेस्ले इंडिया ने दी सफाई, कहा- मैगी में राख का प्रयोग नहीं, 100 फीसदी है सुरक्षित

नई दिल्ली: एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया ने शाहजहांपुर में मैगी के सैंपल के जांच में फेल होने और जिला प्रशासन द्वारा 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद सफाई देते हुए कहा है कि मैगी को बनाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर राख का प्रयोग नहीं किया जाता और यह 100 फीसदी सुरक्षित है.

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए एक बयान में कहा कि हम अपने उपभोक्ताओं को दोबारा आश्वस्त करना चाहते हैं कि मैगी नूडल्स 100 फीसदी सुरक्षित हैं. हम दृढ़ता से दोहराते हैं कि इसे बनाने की प्रक्रिया में कहीं भी राख का इस्तेमाल नहीं किया जाता.

गौरतलब है कि बुधवार को शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने मैगी के जांच में फेल होने पर कंपनी पर 35 लाख रुपये जबकि वितरक पर 17 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया था.

नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक हमें अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है. इस संबंध में उपलब्ध सूचना से हमें यह पता चला कि संबद्ध नमूने साल 2015 के है और यह मामला नमूनों में राख पाए जाने से जुड़ा है.

उन्होंने बताया कि उनका नूडल्स ब्रांड नूडल्स, पास्ता और मसालों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा तय मानकों के अनुरूप है.

गौरतलब है कि जून 2015 में नेस्ले इंडिया ने एफएसएसएआई द्वारा मैगी पर प्रतिबंध लगाने के बाद मैगी को बाजार से वापस ले लिया था. हालांकि कई कानूनी लड़ाइयों के बाद नवंबर 2015 में मैगी नूडल्स को बाजार में फिर से उतारा गया था.

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