छत्तीसगढ़

नवरंग काव्य मंच द्वारा भव्य हिंदी उर्दू काव्य उत्सव

नवरंग काव्य मंच द्वारा भव्य हिंदी उर्दू काव्य उत्सव

“महफिल-ए-अदब” में महकी हिंदी और उर्दू की खुशबू

रायपुर : नवरंग काव्य मंच द्वारा दिनांक 29.10.2017, रविवार स्थानीय वृन्दावन सभागार, सिविल लाईन्स में भव्य हिंदी उर्दू काव्य उत्सव ’’महफिल-ए-अदब‘‘ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कवि राजेश जैन राही ने इन पंक्तियों से प्रारंभ किया –
अच्छे दिन मुश्किल नहीं, अच्छी हो तकदीर।
तेरे दिल के फ्रेम में, मेरी हो तस्वीर।।

तीन सत्रों में आयाजित इस भव्य काव्य उत्सव के प्रथम सत्र संचालन मनोज शुक्ला एवं उर्मिला देवी उर्मि ने संयुक्त रूप से किया। सुसरिता सरोज ने माँ सरस्वती की वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्रीमती नजमा अजीम खान एवं विशिष्य अतिथि योगेश अग्रवाल, एम. राजीव ने आमंत्रित कवियों का उत्साह वर्धन किया। इस सत्र में मुख्य रूप से गोंदिया से पधारी कवयित्री सुसरिता सरोज, जनाब सुखनवर हुसैन, सुदेश मेहर, मुकेश चतुर्वेदी ने अपने काव्यपाठ से हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं की खुशबू बिखेरी।

द्वितीय सत्र में प्रदेश भर से पधारे प्रमुख रचनाकारों को नवरंग काव्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले रचनाकार थे – डाॅ. बृजेश सिंह बिलासपुर, संदीप जैन मित्र दुर्ग, कवि मयंक शर्मा, दुर्ग, कवि तारिक ललानी, राजनांदगांव, कवि शरद यादव अक्श, कवि प्रकाश शर्मा खरसिया, कवि कमल शर्मा, बेमेतरा, कवि दिलीप अग्रवाल, कोरबा, पुरूषोत्तम चंद्राकर बिजापुर, कृतार्थ साहू, चिरमिरी, शहर की प्रमुख सामाजिक संस्था – नेहरू युवा केन्द्र, रायपुर को नवरंग समाज रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता रांची से पधारे विद्वान रांची विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. जंगबहादुर पांडे ने की। मुख्य अतिथि महावीर प्रसाद अग्रवाल रहे। दीपक मित्तल, डाॅ. सुरेन्द्र अहुवालिया, नर्मदा प्रसाद मिश्र, आई.एन. सिंह, लक्ष्मीनारायण लाहोटी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। विद्वानों ने अपने उद्बोधन से भारतीय साहित्य में हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं के महत्व को रेखांकित किया।

तृतीय सत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह खुला काव्य दरबार का आयोजन किया गया। इस सत्र के प्रमुख कवि थे – खलील खान खलील छिंदवाड़ा, श्रीमती नम्रता श्रीवास्तव भोपाल, सेवानिवृत्त जज जनाब इनामुल्ला शाह, डाॅ. बृजेश सिंह, सुसरिता सरोज गोंदिया। इस सत्र संचालन कवि राजेश जैन राही, अनील श्रीवास्तव एवं लक्ष्मीनारायण लाहोटी ने किया। प्रदेश भर के रचनाकार के.पी. सक्सेना दूसरे, नरेश दुबे, प्रकाश सोहनी, श्रीमती शकंुतला तरार, श्रीमती जयशर्मा, अनील गौतम, भुपेश भ्रमर, योगेश कुमार, भागीरथ वर्मा, ऋषभ देव साहू, शालू सूर्या इस सत्र में शरीक हुए। अखिल भारतीय कवियों के साथ-साथ स्थानीय कवियों को भी काव्य रसिकों का भरपूर प्यार मिला। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के संयोजक राजेश जैन राही ने किया।

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