छत्तीसगढ़

कुपोषण मिटाने जिले में चलेगा महाभियान

राजनांदगांव : राजनांदगांव जिले में कुपोषण मिटाने के लिए जिला प्रशासन ने कलेक्टर श्री भीम सिंह के नेतृत्व में कमर कस ली है। एक वर्ष में सभी कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए महाभियान चलाने पर सहमति बनी है। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज स्वास्थ्य, महिला बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक में जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने तीनों विभागों के अधिकारियों को आपसी सक्रिय तालमेल से कुपोषण खत्म करने के लिए प्रभावी प्रयास करने का आव्हान किया और कार्य योजनानुसार जरूरी निर्देश भी दिये। बैठक में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री पाण्डे और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री अजय शर्मा भी शामिल हुए। बैठक में सभी विकासखंडों के चिकित्सा अधिकारियों, ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और परियोजना सुपरवाईजरों की उपस्थिति में कार्य योजना का निर्धारण कर उस पर लगातार अमल करने के निर्देश कलेक्टर श्री भीम सिंह ने दिये।

बैठक में कलेक्टर ने गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के ईलाज के लिए संचालित पुर्नवास केन्द्रों के बारे में विस्तृत जानकारी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों से ली। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की सूची डॉक्टरों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, साथ ही इन बच्चों को पुर्नवास केन्द्रों में ईलाज के लिए भर्ती कराने के भी निर्देश बैठक में दिये। उन्होंने पुर्नवास केन्द्रों में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भेजने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तैयार कर आगामी दो माह के लिए भी प्रतिक्षा सूची बनाने के निर्देश मैदानी अमले को दिये, ताकि समय पर बच्चों को पुर्नवास केन्द्र में दाखिल कराया जा सके।

डोंगरगढ़ सेक्टर के परियोजना अधिकारी सुपरवाईजर का वेतन रूकेगा –
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने बैठक के दौरान सेक्टरवार पुर्नवास केन्द्र में अब तक दाखिल कराये गये कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डोंगरगढ़ सेक्टर में कार्यरत परियोजना अधिकारी श्री ओम प्रकाश चंद्रवंशी की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए सेक्टर के सभी गंभीर कुपोषित बच्चों की सूची प्रस्तुत करने पर ही वेतन आहरण के निर्देश जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को दिये। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था करने के भी निर्देश जिला चिकित्सा अधिकारी को दिये।

डीएमएफ, पंचायत फंड के साथ-साथ स्वयं सेवी संस्थाओं का भी लिया जायेगा सहयोग –
कलेक्टर ने कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों की संख्या के आधार पर विस्तृत बजट बनाकर दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को दिये हैं। कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों के ईलाज और उन्हें सुपोषण श्रेणी में लाने के लिए होने वाले व्यय की राशि डीएमएफ फंड, पंचायत फंड आदि से जुटाने का भी सुझाव बैठक में दिया। श्री भीम सिंह ने इस कार्य में स्वयं सेवी संस्थाओं और महिला स्व सहायता समूहों सहित निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों को भी मदद करने की अपील की है। उन्होंने कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार, अंडा, दूध के साथ-साथ जरूरी दवाओं और टॉनिकों के लिए भी मांग प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

हर बुधवार होगी स्वास्थ्य केन्द्रों में बच्चों की जांच –
राजनांदगांव जिले में आगामी दिनों में हर बुधवार ‘सुग्घर बुधवारÓ के रूप में मनाया जायेगा। इस दिन सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में बच्चों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया जायेगा और मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत निर्धारित 500 रूपए प्रति बच्चे की दर से ईलाज के लिए दवाएं आदि उपलब्ध कराई जायेंगी। जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्र गांवों से ज्यादा दूर है वहां स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अलग से शिविर लगाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। कलेक्टर ने बैठक के दौरान जिले के सभी स्कूलों और आश्रम छात्रावासों में भी स्कूल विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बीमार विद्यार्थियों का ईलाज कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

जननी सुरक्षा योजना की राशि भुगतान पर ही मिलेगा ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों को वेतन –
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने समय-समय पर जिले में अपने प्रवास के दौरान जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसुता महिलाओं और मितानिनों को मिलने वाली राशि के भुगतान में विलंब की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आज आयोजित बैठक में जिले में जननी सुरक्षा योजना के तहत पंजीबद्ध 314 प्रकरणों में पूरी राशि भुगतान होने पर ही ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों का वेतन आहरण करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन करने, उनके स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी रखने के साथ-साथ उनका समय-समय पर टीकाकरण कराने और नवाजतन योजना के तहत उन्हें गरम पौष्टिक भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य भी दिये। श्री भीम सिंह ने गर्भवती महिलाओं के बैंक एकाउंट भी अनिवार्यत: खुलवाने के निर्देश भी दिये, ताकि शासकीय योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों से उन्हें समय पर लाभान्वित किया जा सके।

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