महाकालेश्वर मंदिर में कपड़े से ढककर की गई ज्योतिर्लिंग की भस्म आरती

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज नए नियम के तहत पूजा की गई। आज ज्योतिर्लिंग पर कपड़ा लगा भस्म आरती की गई।

इसके अलावा जलाभिषेक के लिए भी आरओ वाटर का इस्तेमाल किया गया। बता दें कि शुक्रवार 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल ज्योतिर्लिंग के जलाभिषेक के लिए नए नियमों को मंजूरी दी।

दरअसल, महाकाल शिवलिंग के क्षरण (छोटा होना) को देखते हुए कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पुरातत्व विभाग, भूवैज्ञानिक और अन्य विशेषज्ञों की टीम को जांच करने का निर्देश दिया था। विशेषज्ञों की टीम ने सुप्रीम कोर्ट को कुछ सुझाव सौंपे थे जिसे कोर्ट ने हरी झंडी दे दी। अब महाकाल पर सिर्फ आरओ का जल ही चढ़ाया जाएगा साथ ही साथ अभिषेक की मात्रा भी तय की जाएगी।

ये हैं नए नियम

श्रद्धालु 500 मिलीलिटर से ज्यादा जल नहीं चढ़ाएंगे।
चढ़ाया जाने वाला जल सिर्फ RO का होगा।
भस्म आरती के दौरान शिवलिंग को सूखे सूती कपड़े से पूरी तरह ढका जाएगा. अभी तक सिर्फ 15दिन के लिए शिवलिंग को आधा ढका जाता था।
अभिषेक के लिए हर श्रद्धालु को निश्चित मात्रा में दूध या पंचामृत चढ़ाने की इजाज़त होगी।
शिवलिंग पर चीनी पाउडर लगाने की इजाज़त नहीं होगी, बल्कि खांडसारी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
नमी से बचाने के लिए ड्रायर व पंखे लगाए जाएंगे और बेलपत्र व फूल-पत्ती शिवलिंग के ऊपरी भाग में चढ़ेंगे, ताकि शिवलिंग के पत्थर को प्राकृतिक सांस लेने में कोई दिक्कत न हो।
शाम 5 बजे के बाद अभिषेक पूरा होने पर शिवलिंग की पूरी सफाई होगी और इसके बाद सिर्फ सूखी पूजा होगी।
अभी तक सीवर के लिए चल रही तकनीक आगे भी चलती रहेगी, क्योंकि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनने में एक साल लगेगा।

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