छत्तीसगढ़

खूंटाघाट से पानी छूटते ही जगमग होगी महामाया नगरी

अंकित मिंज

बिलासपुर। इनोवेशन की सोच एक नया रास्ता निकालती है, जिसपर चलकर किसी ऐसे कार्य को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है जो अनूठी और जन उपयोगी होती है।

बिलासपुर शहर के डीपी विप्र कॉलेज में पढ़ने वाले बीए के चार स्टूडेंट ने एक ऐसा विज्ञान मॉडल बनाया है जो बांध से पानी छूटते ही स्वतः बिजली पैदा करेगा। खूंटाघाट से अगर पानी छोड़ा गया तो महामाया नगरी जगमग होगी।

फिलहाल हाईड्रो इलेक्ट्रिसिटी प्रोजेक्ट चलित मॉडल सबसे ज्यादा सुर्खियां और तारीफ बटोर रहा है। इस मॉडल के जरिए छात्रों ने बताया कि ठंड, गर्मी बरसात किसी भी समय बांध से जब पानी छोड़ा जाता है तो उसे हाइड्रो डेम से होकर गुजारा जाएगा।

टरबाइन से पानी को फ्लो कर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है। फिर इस बिजली का उपयोग किया जा सकता है। ये प्रोजेक्ट डीपी विप्र पीजी कॉलेज के फर्स्ट ईयर स्टूडेंट्स रितिका यादव, रंजीता समुद्रे, जय कुमार पटेल और अभिषेक चंद्रा ने तैयार किया है।

अनूठा मॉडल

प्रोजेक्ट की खास बात ये कि बांध के पानी से जो भी बिजली बनेगी उसका उपयोग बांध के आसपास के गांव, शहर और क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइट रोशन करने में हो सकेगा। साइंस के जानकार इसे अपनी तरह का अनूठा मॉडल बता रहे हैं।

इस मॉडल पर आधारित सिस्टम के जमीनी रूप पर उपयोग होने पन बिजली संयंत्र को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर विद्युत ऊर्जा की बचत होगी। छात्रों ने यह भी बताया कि इस तकनीक के इस्तेमाल से किसी दूसरे बांध में किया जाता है तो वहां आस-पास की स्ट्रीट लाइट जल जाएंगी।

साइनेक्स मिलेनियम में मिली सराहना

इस प्रोजेक्ट को साइनेक्स मिलेनियम में खूब सराहना मिली है। बीएससी प्रथम वर्ष के बच्चों ने हाइड्रो इलेक्ट्रिक डेम का मॉडल बनाया है। विशेषज्ञों ने इसे खूब पसंद किया। प्रोजेक्ट में छात्रों ने बताया कि अगर इसे खूंटाघाट में भी इस तकनीक का उपयोग किया गया जो पूरा रतनपुर में रोशनी होगी।

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