महाप्रभु ने किया श्रीधाम में प्रवेश हुई अमृत वर्षा

अगले वर्ष फिर से आने का वचन देकर अपने धाम के लिए रथ पर सवार होकर रवाना हुए

भारत सिंह ठाकुर

बिलासपुर। महाप्रभु मौसी मां के घर गुंडिचा मंदिर में हुए सत्कार से काफी प्रसन्न रहे हैं। इसके चलते वे वहां से अपने धाम प्रस्थान की बेला में देर रात्रि तक अमृत वर्षा करते रहे। वहीं मौसी मां के घर में उदासी का माहौल बना रहा।

ऐसे में महाप्रभु ने अगले वर्ष फिर से आने का वचन देकर अपने धाम के लिए रथ पर सवार होकर रवाना हुए। बाहुड़ा यात्रा में रास्तेभर बरखा रानी उनके चरण पखारती रही और श्रद्धालु भी अमृत वर्षा में महाप्रभु के रथ को स्पर्श करने कतार में खड़े रहे।

आठ दिनों तक मौसी मां के घर गुंडिचा मंदिर में निवास करने के बाद महाप्रभु अपनी बहन देवी सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र के साथ रविवार को अपने धाम के लिए प्रस्थान किया।

इस अवसर पर सुबह से अमृत वर्षा होती रही। भक्तजन भी महाप्रभु की एक झलक पाने के लिए घंटों पानी में भीगते हुए खड़े रहे।

जैसे ही महाप्रभु ने अपनी बहन और बड़े भाई के साथ गुंडिचा मंदिर से बाहर कदम रखाए वैसे ही उनके चरणवंदन के लिए भक्तों में होड़ लगी रही।

रथ पर सबसे पहले गरुड़ स्तंभ धर्म ध्वज स्थापित किया गया। इसके बाद बलभद्र विराजित हुए और उसके बाद देवी सुभद्रा अपनी सखियों के साथ आईं और रथ पर सवार हुईं।

अंत में महाप्रभु अपने बाल.गोपालों और सेवकों के साथ अपने श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा का प्रसाद बरसाते हुए विराजमान हुए।
इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने राजा के रूप में छेरापहरा की विधि पूरी की।

उन्होंने राजा के वस्त्र धारणकर पूजन संकल्प के साथ सोने की बुहारी से रथ के चारोंओर बुहारा और महाप्रभु का पूजन कर रथ को श्रीधाम के लिए प्रस्थान कराया।

इसके बाद भक्तों में महाप्रभु के रथ को खींचने के लिए भक्तों में उत्साह देखते ही बन रहा था। बारिश की परवाह किए बिना वे रथ को खींचने का पुण्य लाभ अर्जित करते रहे।

वहीं जैसे.जैसे रथ आगे बढ़ता गया वैसे.वैसे श्रद्धालुओं की उपस्थिति भी बढ़ती गई। महाप्रभु की रथयात्रा मौसी मां के निवास से शुरू होकर मां काली मंदिरए न्यू जीएम ऑफिस पोस्ट ऑफिस चौकए जगमल चौक गांधी चौक शिव टॉकीज चौक तारबाहर चौक बड़ा गिरजाघर चौक रेलवे स्टेशन बंग्लायार्ड तितली चौक होते हुए जगन्नाथ मंदिर में आकर पूर्ण हुई।

इस अवसर पर महापौर किशोर राय पीके सामंतराय केके बेहरा गजेंद्र प्रसाद दास ,एमके दास, एमके मोहंती डीण्नायक, केण्पात्रा, आरसी प्रधान, बीबी मोहंती, सीआर बेग, एसएस मोहंती, अभिजीत मित्रा, मनीष अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति रही।

लगा विशेष भोग

मौसी मां के घर से महाप्रभु की विदाई बेला में विशेष प्रकार के व्यंजनों का भोग लगा। उनकी भोग सेवा में छप्पन भोग के साथ ही ओडिशा के पारंपरिक पकवानए खीर और कच्चे आम की विशेष प्रकार की खट्टा.मीठा स्वाद वाली सब्जी व अनेक प्रकार की मिठाइयों से महाप्रभु की भोग सेवा की गई। इसके साथ ही रास्तेभर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।

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रास्तेभर सजे स्टॉलए हुआ सत्कार

महाप्रभु की वापसी यात्रा में उनके सत्कार के लिए रास्तेभर स्टॉल सजे रहे। सभी स्टॉलों में श्रद्धालुओं ने महाप्रभु की आरती कर पुष्पवर्षा की। श्रद्धालुओं ने विभिन्न प्रकार के पकवानए मिठाई और फल भी अर्पित किए।

रसगुल्ला और साड़ी देकर मनाया

जैसे ही महाप्रभु अपने धाम पहुंचे वैसे ही रुठी महालक्ष्मी ने पट बंद कर दिए। बार.बार महाप्रभु के मनाने पर भी उन्होंने पट नहीं खोले। काफी देर तक चले मान.मुनहार के बाद भी जब रुठी हुई महालक्ष्मी नहीं मानी तब दोनों ओर से उनके प्रमुख सेवकों ने बात बनाने का बीड़ा उठाया।

दोनों ओर से संवाद चलता रहा। काफी देर के बाद महालक्ष्मी मानी और पट खोले। इसके बाद महाप्रभु ने उन्हें रसगुल्लाए साड़ी और अनेक प्रकार के आभूषण व उपहार देकर प्रसन्न किया।

महाप्रभु से मिले उपहार और मिठाई से उनका गुस्सा भी गायब हुआ। इससे महाप्रभु महालक्ष्मी के साथ प्रसन्नता पूर्वक माहौल में अपने धाम में प्रवेश किया।

उनका महालक्ष्मी ने भी काफी भव्यता के साथ स्वागत किया।

अब से श्रीधाम में महाप्रभु देंगे दर्शन

महाप्रभु देर रात्रि अपने धाम पहुंचे और श्रीधाम में प्रवेश के साथ ही विश्राम करने अपने कक्ष में चले गए। इससे सोमवार से महाप्रभु अपने श्रद्धालुओं को श्रीधाम में दर्शन देंगे और मंदिर में फिर से नियमों के साथ उनका पूजन व सेवा होगी।

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