मुसीबत में महाराष्ट्र सरकार, 17 लाख कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल

आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलन के बाद अब राज्य के 17 लाख कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है.

मुंबई : 17 लाख कर्मचारी की तीन दिवसीय हड़ताल को लेकर महाराष्ट्र सरकार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मुश्किले बढ़ गई हैं. आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलन के बाद अब राज्य के 17 लाख कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक, राज्य के करीब 17 लाख सरकारी कर्मचारी सातवां वेतन आयोग लागू करने सहित कई अन्य लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से तीन दिवसीय हड़ताल कर रहे हैं. महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी संगठन (एमएसईओ) के अध्यक्ष मिलिंद सरदेशमुख ने कहा कि मुख्यालय, मंत्रालय, शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों सहित अन्य विभागों के कर्मचारी आज से तीन दिवसीय आंदोलन में हिस्सा लेंगे.

सरदेशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद भी सरकार हमारी मांगों को अनदेखा कर रही है. उन्होंने बताया कि एक जनवरी 2016 से वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू की जानी थी. लेकिन यह अभी तक लंबित है. इसके चलते कर्मचारियों ने हड़ताल करने का फैसला लिया है.

क्या हैं अन्य मांगें-
– सातवां वेतन आयोग लागू हो
– हफ्ते मे दो छुट्टी मिलनी चाहिेए
– 1 लाख 80 हजार खाली पदों पर भर्ती की जाए
– रिटायरमेंट की उम्र 60 साल की जाए

आपको बता दें कि महाराष्ट्र सरकारी कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुका है. हड़ताल के परिणामस्वरूप मुख्यालय, मंत्रालय, कलेक्ट्रेट, तहसील और तालुका स्तर के सभी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होगा.

इसके अलावा इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा एवं अन्य संबंद्ध संस्थानों में भी कामकाज ठप रहने के आसार हैं. सरदेशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य राजपत्रित अधिकारी परिसंघ भी हड़ताल में शामिल होगा. गलवार से तीन दिनों की हड़ताल पर जा रहे हैं।

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