महारत्‍न कम्‍पनी एनटीपीसी के आईपीएस-2019 का केन्‍द्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने किया उद्घाटन

भारतीय पॉवर स्‍टेशन 2019 – अंतर्राष्‍ट्रीय प्रचालन एवं अनुरक्षण सम्‍मेलन

रायपुर : भारत सरकार की महारत्‍न कम्‍पनी एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा 13 और 14 फरवरी, 2019 को रायपुर में आयोजित किए जा रहे दो दिवसीय “भारतीय पॉवर स्‍टेशन 2019 – अंतर्राष्‍ट्रीय प्रचालन एवं अनुरक्षण सम्‍मेलन” का उद्घाटन केन्‍द्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आर. के. सिंह ने आज, दिनांक 13 फरवरी 2019 (बुधवार) को साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रेक्षागृह में किया । इस अवसर पर केन्‍द्रीय विद्युत सचिव, ए. के. भल्ला एवं एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह सहित विद्युत मंत्रालय एवं एनटीपीसी के वरिष्‍ठ अधिकारियों सहित ऊर्जा क्षेत्र में कार्य करने वाले देश-विदेश से पधारे प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्‍द्रीय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आर. के. सिंह ने कहा कि पिछले 15-16 महीने के दौरान लगभग 25 मिलियन उपभोक्‍ताओं के घरों में बिजली पहुंचाई गयी है । यह अपने आप में बहुत बड़ी उप‍लब्धि है । उन्‍होंने बताया कि सरकार द्वारा शत प्रतिशत घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है । जहां तक छत्‍तीसगढ़ की बात है, सुदूर बस्‍तर अंचल के लगभग 20 हजार घरों में बिजली पहुंचाना शेष रह गया है।

आर. के. सिंह ने बताया कि वर्तमान में 6.5 प्रतिशत की दर से प्रतिवर्ष बिजली की मांग बढ़ रही है और 1200 यूनिट प्रतिव्‍यक्ति बिजली की खपत की जा रही है । इस मांग और खपत को बनाए रखने के लिए अपनी क्षमता में विस्‍तार करना जरूरी हो गया है । घरों में बिजली पहुंचने का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि उस क्षेत्र आजीवका के साधन बढ़ रहे हैं।

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में डिस्‍ट्रीब्‍यूशन लॉस सबसे बड़ी समस्‍या है । हालांकि हाल के वर्षों में यह काफी कम हुआ है लेकिन इस दिशा में अभी और ध्‍यान देने की जरूरत है । उन्‍होंने सुझाव देते हुए कहा कि प्रीपेड-पावर, सब्सिडी और फ्री पावर योजना का भुगतान राज्‍य सरकार करें और निजीकरण इस समस्‍या का हल हो सकते हैं । उन्‍होंने कहा कि जिस प्रकार उपभोक्‍ता द्वारा बिजली बिल भुगतान नहीं करने पर पावरकट हो जाता है, वैसा ही नियम बिजली वितरण कम्‍पनियों पर भी लागू किया जा सकता है । इस दिशा में कार्य करने की आवश्‍यकता है।

सिंह ने बिजली उत्‍पादकों से कहा कि संयंत्र के नियमित मरम्‍मत को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए । इसे आगे की तिथियों में टालना उचित नहीं होगा । जब भी शेड्यूल मेंटनेंन्‍स जरूरत हो उसे हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए । पुराने प्‍लांट को फेजआऊट करना जरूरी है क्‍योंकि कोयला अतिमहत्‍वपूर्ण घटक है ।

इस अवसर पर केन्‍द्रीय विद्युत सचिव, ए. के. भल्ला ने 37 साल पहले स्‍थापित सिंगरौली पावर स्टेशन की प्रथम इकाई के सिंक्रोनाइजेशन दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा उत्‍पादक कम्‍पनी है । सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 2030 तक 40 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा उत्‍पादन का लक्ष्‍य रखा गया है, जिससे कोयले से चलने वाली ताप विद्युत इकाईयों पर से निर्भरता कम किया जा सके । उन्‍होंने कहा कि इससे न केवल कोयले की कम खपत होगी बल्कि पर्यावरण संर‍क्षण में भी हम सफल होंगे।

कार्यक्रम के प्रारम्‍भ में आईपीएस-2019 में पधारे अतिथियों का स्‍वागत् करते हुए एनटीपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने बताया कि इस सम्‍मेलन का आयोजन पहली बार दिल्‍ली से बाहर किया जा रहा है. उन्‍होंने बताया कि महारत्न एनटीपीसी द्वारा प्रत्येक वर्ष 13 फरवरी को इस अखिल भारतीय पावर स्टेशन सम्मेलन का आयोजन सिंगरौली स्थित अपने प्रमुख पावर स्टेशन की प्रथम इकाई के इसी दिवस को हुए सिंक्रोनाइजेशन की महत्‍वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकन के रूप में किया जाता है।

गुरदीप सिंह ने बताया कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ती हुई अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था है तथा विद्युत क्षेत्र को अपनी श्रेष्ठ वैश्विक पद्धतियों के माध्‍यम से इस अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी है । इसी दिशा में अपने कदम आगे बढ़ाते हुए एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा भारतीय पावर स्टेशन 2019 – सम्‍मेलन का आयोजन कर एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का मह‍त्‍वपूर्ण काम किया है, जिससे कि वैश्विक स्तर पर अपनायी जा रही श्रेष्ठ पद्धतियों और व्यावसायिक अवसरों को भारत लाया जा सके । इस वर्ष “अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ सुरक्षित, विश्वसनीय, पर्यावरण अनुकूल एवं लचीला विद्युत उत्‍पादन” विषय पर आधारित आयोजित होने वाल यह एनटीपीसी का आठवां सम्‍मेलन है।

कार्यक्रम के दौरान केन्‍द्रीय मंत्री द्वारा कंपेडियम, सस्‍टेनिबिलिटी, पीएमआईस मैनेजेमेंट, वॉटर ट्रीटमेंट इश्‍यू (नेत्रा) आदि विषयों पर डिजिटल रिपोर्ट का अनावरण किया गया । साथ ही फ्लाई एश की उपयोगिता पर अभिनव विचार प्रस्‍तुत करने वाले व्‍यक्तियों और संस्‍थानों को केन्‍द्रीय मंत्री द्वारा नकद पुरस्‍कार और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्‍मानित किया गया।

इस सम्मेलन में अमेरिका, जर्मनी, स्वीटजरलैंड, चीन, जापान के विद्युत उत्‍पादक जैसे कि एसईबी, एनएचपीसी डीवीसी, टीएचडीसी, वेदांता, रिलायंस पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, टाटा पावर, साथ ही,सीईआरसी, सीईए, एमएनआरई तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे विद्युत क्षेत्र के हितग्राहक, अन्‍य संस्‍थान जैसे टेरी तथा विद्युत उत्‍पादक एवं सेवा प्रदाता जैसे कि सीमन्‍स, जीई, एल्‍सटोम,बीएचईएल, हिटाची, तोशिबा, मेग्‍गर इत्‍यादि के 500 से अधिक प्रतिनिधि सहभागिता कर रहें।

दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान 11 अंतरराष्ट्रीय एवं 71 घरेलू तकनीकी पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा । विभिन्‍न आईआईटी एवं एनआईटी द्वारा 5 पत्र प्रस्‍तुत किये जाऐंगे ताकि शिक्षा क्षेत्र एवं उद्योग के संवाद स्‍थापित हो सके. सम्मेलन में टेक्‍नो-गैलेक्सी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसमें 42 भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उत्पादनकर्ताओं द्वारा अपने – अपने उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया करेंगे।

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