छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक छटा से महकेगा राजिम पुन्नी मेला 

संभाग आयुक्त जी.आर.चुरेन्द्र ने तीन जिले के अधिकारियों की ली बैठक 

दीपक वर्मा

राजिम(गरियाबंद)।

त्रिवेणी संगम राजिम के तट पर इस वर्ष 19 फरवरी से 4 मार्च तक राजिम माघी पुन्नी मेला का आयोजन सादगी पूर्ण परंतु दिव्यता के साथ होगा। मेले में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परम्परा और संस्कृति की छटा बिखरेगी। रायपुर संभाग के आयुक्त जी.आर. चुरेन्द्र ने आज राजिम के सर्किट हाउस में रायपुर, गरियाबंद एवं धमतरी जिला के प्रमुख अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक तैयारी करने की निर्देश दिए है।ं बैठक में धमतरी कलेक्टर डाॅ. सी.आर.प्रसन्ना, एसपी बालाजी राव, अपर कलेक्टर के.आर. ओगरे, गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक एम.आर. आहिरे, अपर कलेक्टर के.के. बेहार एवं अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।

बैठक में राजिम माघी पुन्नी मेला के आयोजन को लेकर तैयारियो की समीक्षा की गई एवं अधिकारियों को कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त चुरेन्द्र ने कहा कि मेले का आयोजन सादगी पूर्ण परंतु भव्यता के साथ होगा। मेले में सामाजिक समरसता और सदभाव का वातारण बने ऐसा प्रयास किया जाना हैं। उन्होंने कहा कि मेले में पालिथिन के उपयोग प्रतिबंध किया जाएगा।

इसके लिए लोगों के बीच जन जागरण अभियान के माध्यम से संदेश भी दिया जाएगा। मेले में छत्तीसगढ. की सांस्कृतिक विरासत की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगा। साथ ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोक कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा। मेले में स्थानीय खेलकूद का आयोजन भी होगा साथ ही महिलाओं का सुआ नृत्य और कबड्डी जैसे आयोजन किया जाएगा।

पूर्व वर्षो के भांति दाल भात केन्द्र भी लगाए जाएंगे और स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से लोगों को मेले में ही स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी। प्रमुख विभागीय स्टाॅल लगाए जाएंगे जिसमें प्रदर्शनीय, सहविक्रय केन्द्र होगा। आयुक्त ने बेरिकेटिंग, सुरक्षा, पार्किंग, विद्युत व पेयजल के लिए भी अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला क्षेत्र में बायो शौचालय बनाने के निर्देश दिए हैं।

चुरेन्द्र ने कहा कि मेले में पर्यावरण सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बैठक के पश्चात् अधिकारियों ने पार्किंग स्थल, मुख्य मंच, कुलेश्वर मंदिर, एवं अन्य स्थलों का निरीक्षण कर जायजा लिया।

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