माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय एक परिवार : कुलपति जगदीश उपासने

नये कुलपति जगदीश उपासने का स्वागत एवं पूर्व कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला की विदाई कार्यक्रम में प्राध्यापकों एवं अधिकारियों ने व्यक्त किए विचार

भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में नये कुलपति श्री जगदीश उपासने का स्वागत समारोह और पूर्व कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला का विदाई कार्यक्रम 31 मार्च, शनिवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूर्व कुलपति एवं वर्तमान में हरियाणा उच्चतर शिक्षा परिषद के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय एक परिवार है। परिवार भाव इस विश्वविद्यालय की शक्ति है। इसी कारण यह निरंतर आगे बढ़ रहा है।

प्रो. कुठियाला आठ साल से विश्वविद्यालय के कुलपति थे। उन्होंने 23 मार्च को कुलपति का कार्यभार श्री जगदीश उपासने को सौंपा। उल्लेखनीय है कि प्रो. कुठियाला ने हरियाणा उच्चतर शिक्षा परिषद में संस्थापक अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित औपचारिक विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय को वह उपासना स्थल के रूप में भी देखते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने उनके व्यक्तित्व में एक नया और सुखद अध्याय जोड़ा है। जिस तरह माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय अपने सभी अध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को गढ़ता है, उसी तरह इस विश्वविद्यालय ने उनको भी गढ़ा है।

इस अवसर पर नये कुलपति श्री जगदीश उपासने ने कहा कि आठ साल में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय विस्तार एवं प्रगति की है। शिक्षा जगत में अपना स्थान बनाया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वविद्यालय ने मीडिया के क्षेत्र में आ रहे परिवर्तनों एवं नवीनतम तकनीकी को समझ कर अपने पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. कुठियाला जिस स्थान तक विश्वविद्यालय को लेकर आए हैं, हम इसे वहाँ से और आगे तक लेकर जाएंगे। इस अवसर पर कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा ने कहा कि निवर्तमान कुलपति प्रो. कुठियाला ने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक एवं अकादमिक, दोनों ही प्रकार की भूमिकाएं बहुत ही जिम्मेदारी और दूरदृष्टि के साथ निभाई हैं। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेन्द्र दीपक ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी अच्छे से करता है। आज विश्वविद्यालय का हिस्सा होकर प्रत्येक अध्यापक एवं विद्यार्थी गौरव की अनुभूति करता है। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नये कुलपति एवं पूर्व कुलपति का स्वागत किया और अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने किया।

इस अवसर पर संचार की भारतीय ज्ञान परंपरा पुस्तक श्रृंखला में वरिष्ठ पत्रकार साकेत दुबे की पुस्तक श्रीरामचरित मानस में संचार की पद्धति एवं परम्परा का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का प्रकाशन विश्वविद्यालय ने किया है

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