मलेरिया- डेंगू सहित अन्य बीमारियों के संदिग्ध मरीजों की संख्या में इजाफा

दंतेवाड़ा।

जिले में कमी- खामी के बावजूद निजी पैथोलॉजी लैबों का संचालन बेखौफ चल रहा है। जहां पंजीयन सहित एक्सपायरी दवाएं और डॉक्टर- तकनीशियन नहीं थे। उन संस्थाओं का भी संचालन हो रहा हैं।

जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि उन्हें व्यवस्था दुरूस्त करने एक मौका दिया गया है। जबकि जानकार बताते हैं नर्सिंग होम एक्ट के तहत ऐसे संस्थानों को सील करने के साथ संचालकों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए।

मौसम में बदलाव के साथ जिले में मलेरिया- डेंगू सहित अन्य बीमारियों के संदिग्ध मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग सरकारी हॉस्पिटल के साथ जांच के लिए निजी क्लीनिक और लैबों में पहुंच रहे हैं। जहां से उन्हें ब्लड और दीगर जांच की रिपोर्ट मिल रही है।

इन संस्थाओं में ऐसे पैथोलाजी लैब भी शामिल हैं, जिनमें पखवाड़े भर पहले जांच में कई कमी- खामी पाई गई थी। विभाग ने इन संस्था संचालकों को व्यवस्था दुरूस्त करने की समझाइश देकर शांत है। जबकि टीम ने जांच के दौरान दंतेवाड़ा, गीदम और बचेली के लैबों को मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया था। दंतेवाड़ा के लाइफ लाइन लैब और गीदम के एक संस्था में तो लाइसेंस जगह की कमी के साथ लाइसेंस दुरूस्त नहीं था।

लाइफ लाइन पैथोलॉजी लैब में तो एक्सपायरी दवाएं भी मिली थी। यहां तक कि इमरजेंसी ट्रे उपलब्ध दवाएं भी एक्सपायरी पाई गई थी। इसी तरह बचेली और गीदम के लैबों में भी तकनीशियन, डॉक्टरों की अनुपस्थिति थी। तब माना जा रहा था कि इन संस्थाओं को प्रशासन शीघ्र ही सील कर देगी। लेकिन एक पखवाड़े से अधिक समय बीतने के बाद भी संस्थाएं नियमित रुप से संचालित हो रही हैं।
-इनका कहना है
निजी पैथोलॉजी लैब और क्लीनिकों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के पास भेज दी गई है। कमी- खामी पाए संस्थाओं को नोटिस देकर व्यवस्था दुरूस्त करने कहा गया है। जिले में पैथोलॉजी के जांच प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. एचएल ठाकुर, सीएचएमओ

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