मालदीव के राष्ट्रपति को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने नामंजूर किया आग्रह

शीर्ष अदालत ने जल्द ही इस मामले में फैसला सुनाने की बात कही

कोलंबोः

चुनाव में हार के संबंध में गोपनीय गवाहों को पेश करने की अनुमति देने संबंधी उनके आग्रह को न्यायालय ने नामंजूर कर मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को बड़ा झटका दिया । शीर्ष अदालत ने जल्द ही इस मामले में फैसला सुनाने की बात कही है।

बता दें कि सुनवाई शुरू होने से पहले अमेरिका ने कहा था कि अगर लोगों की भावना का खयाल नहीं रखा गया तो मालदीव को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिना नाम बताए गोपनीय गवाहों का जिक्र करते हुए यामीन के वकील मोहम्मद सलीम ने कहा कि ये लोग बताएंगे आखिर चुनावों में धांधली कैसे की गई है।

सलीम ने कोर्ट को बताया कि वोट देने वालों को मिटने वाली स्याही वाला एक पेन दिया गया था। इतना ही नहीं मतगणना कर्मचारियों के पास भी अंगुली में फंसे छल्ले की तरह का एक गुप्त पेन था, जिसका प्रयोग वे विपक्षी उम्मीदवार को वोट देने के लिए कर रहे थे।

यामीन के वकील के आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष के वकील हिसन हुसैन ने जहां आरोपों को षड्यंत्र बताया वहीं चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि यामीन की याचिका झूठे आरोपों पर आधारित है, इसलिए उसे खारिज किया जाए।

ये है मामला
अधिकांश प्रतिद्वंद्वियों के जेल में होने और कुछ को निर्वासित करने के बाद भी राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

शुरुआत में तो अंतर्राष्ट्रीय दबावों के चलते यामीन ने 17 नवंबर तक पद छोड़ने की बात स्वीकार कर ली थी, लेकिन पिछले सप्ताह बैलेट पेपर पर मिटने वाली स्याही के उपयोग का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी।

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