बीमार रहती थी बेटी, पिता ने पटककर मार दिया

पहले उसने अपनी सोती हुई डेढ़ साल की बेटी को फर्श पर पटक-पटककर मारा। इसके बाद भी उसका दिल नहीं पसीजा और उसने उसे यमुना में फेंक दिया। वारदात के 56 घंटे बाद आखिरकार पुलिस ने बच्ची के शव को यमुना से निकाल लिया। शव यमुना में एक जगह लगाए गए जाल में अटका हुआ था। इस आरोप में मृतक बच्ची की मां और आरोपी की पत्नी की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि राशिद ने बच्ची को इसलिए मार दिया कि वह लड़की थी। यह भी पता लगा है कि वह बीमार भी रहती थी।

रोंगटे खड़े कर देने वाली यह वारदात साउथ-ईस्ट दिल्ली के जामिया नगर थाना इलाके में 19 सितंबर की देर रात घटी।

डीसीपी रोमिल बानिया ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम राशिद जमाल(40) है। बच्ची के शव को ढूंढने में एसीपी हरचरण वर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बनाई गई थी, जिसने काफी प्रयास करने के बाद बच्ची के शव को यमुना से बरामद किया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी राशिद शाहीन बाग के शर्मा विहार इलाके में रहता है। 19 सितंबर की रात को आरोपी शराब पीकर घर आया। घर आने पर पत्नी मोफिदा बेगम के साथ किसी बात पर कहासुनी हो गई। बताया गया है कि इसी दौरान उसने अपनी डेढ़ साल की सोती हुई बेटी रेशमा खातून को उठा लिया। इससे पहले कि बेगम कुछ समझ पाती, आरोपी ने अपनी बेटी को कई बार फर्श पर पटका। जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो वह खून से लथपथ बेटी को अपने साथ लेकर घर से भाग गया और यमुना में फेंक दिया। इस मामले में आरोपी की पत्नी मोफिदा बेगम ने पुलिस को 100 नंबर पर कॉल कर जानकारी दी।

मौके पर आई पुलिस ने आरोपी राशिद जमाल की तलाश की। एक जगह यह नशे में धुत हालत में मिल गया लेकिन पुलिस के बच्ची के बारे में काफी पूछने के बावजूद उसने कुछ नहीं बताया। इसके बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड की भी मदद लेते हुए आसपास के नालों और यमुना में बच्ची की तलाश शुरू की। 56 घंटे बाद बच्ची का शव गोताखोरों को यमुना के जाल में अटका हुआ मिला। आरोपी मजदूरी करके अपना घर चलाता था। मूलरूप से यह असम का रहने वाला है। वहां भी इसने दो शादी कर रखी हैं।

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