आईआईएम के प्रबंधन कोर्स में शामिल होगा अंबिकापुर का कचरा प्रबंधन

आईआईएम की टीम पहुंची, मेयर और निगम कमिश्नर से ली जानकारी

अंबिकापुर : शहर का मॉडल कचरा प्रबंधन देश के शीर्ष मैनेजमेंट संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट कोर्स में शामिल किया जाएगा। रायपुर के आईआईएम ब्रांच के प्रोफेसर परासर व प्रोफेसर सत्यशिवा दास के साथ एक टीम अंबिकापुर पहुंची है। प्रोफेसरों ने इस मॉडल कचरा प्रबंधन कार्य के शुर्स्आती दिनों और अब तक की पूरी कहानी मेयर डॉ. अजय तिर्की, सभापति शफी अहमद, डिप्टी मेयर अजय अग्रवाल, आयुक्त सूर्यकिरण तिवारी अग्रवाल के साथ बैठकर सुनी। टीम ने नगर के डीसी रोड स्थित एसएलआरएम सेंटर का जायजा भी लिया व यहां कचरा कलेक्शन व सेग्रीगेशन का कार्य कर रही महिलाओं से भी बातचीत की। कचरा प्रबंधन को लेकर सरगुजा विश्वविद्यालय में कुछ छात्रों ने शोध कार्य भी किया है।

महिला समूह कर रही हैं डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन

अब देश के शीर्ष इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट कोर्स में शामिल किया जाना बड़ी बात है। तीन वर्ष पूर्व अंबिकापुर शहर में तत्कालीन कलेक्टर ऋतु सैन की पहल पर कचरा प्रबंधन कार्य शुरू हुआ। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं का समूह तैयार किया गया और सभी को प्रशिक्षण देने के बाद डोर-टू-डोर सूखा और गीला कचरा कलेक्शन में लगाया गया। जिस कचरे से अंबिकापुर शहर पट जाता था, चारों ओर गंदगी का अंबार रहता था, उसी कचरे को इन महिलाओं ने आय का जरिया बनाया और अब इस शहर का यह मॉडल कचरा प्रबंधन देश भर में ख्याति अर्जित कर चुका है।

देश के कई बड़े शहरों ने भी अपनाया है अंबिकापुर मॉडल

इस मॉडल को प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लागू किए जाने के साथ देश के कई बड़े शहरों ने भी अपनाया है। कचरे को सोना बनाने की इस कल्पना को सुप्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान के शो सत्यमेव जयते में आए सी. श्रीनिवासन को शहर में बुलाकर तत्कालीन कलेक्टर ऋतु सैन ने साकार कर दिखाया। देशभर में ख्याति अर्जित कर चुके इस मॉडल कचरा प्रबंधन के कार्य को अब आईआईएम कोर्स में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।

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