छत्तीसगढ़ की सभी सांस्कृतिक विधाओं को जोडऩे में मंदराजी का विशिष्ट योगदान : मुख्यमंत्री

30 लाख रूपए की ग्राम पंचायत एवं आंगनबाड़ी भवन के अलावा एनीकट निर्माण, गली कांक्रीटीकरण आदि विभिन्न विकास कार्यों की दी सौगात

राजनांदगांव : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान नाचा के साथ-साथ यहां की संस्कृति, परंपरा सहित सभी विधाओं को जोडऩे में नाचा के पुरोधा दाऊ मंदराजी का अत्यंत विशिष्ट योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज 31 मार्च को जिला मुख्यालय राजनांदगांव के समीपस्थ ग्राम छत्तीसगढ़ी नाचा के पुरोधा स्वर्गीय दाऊ मंदराजी के गृह ग्राम रवेली में आयोजित दाऊ मंदराजी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रवेली वासियों की छत्तीसगढ़ी लोककला के प्रति अनुराग एवं प्रकृति को भी अत्यंत विशिष्ट बताया।

उन्होंने रवेली वासियों को छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा लोककला को जीवित रखने तथा उनके सरंक्षण एवं संवर्धन करने के लिए हृदय से धन्यवाद भी दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत रवेली में ग्राम पंचायत एवं आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु 30 लाख रूपए, खैरा एवं रवेली में गली कांक्रीटीकरण निर्माण हेतु 10-10 लाख रूपए, ग्राम रवेली में प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन निर्माण हेतु 4 लाख रूपए तथा रवेली में मंदराजी महोत्सव आयोजन स्थल के पास कांक्रीटीकरण हेतु 10 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। इसके अलावा मंदराजी महोत्सव के लिए स्वेच्छा अनुदान के लिए एक लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि इस गांव में साढ़े तीन करोड़ रूपए के विकास कार्य किए गये हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ग्राम रवेली में दाऊ मंदराजी के नवनिर्मित प्रतिमा का भी अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध संगीत निर्देशक खुमान साव सहित लोककला एवं संगीत में योगदान देने वाले विभूतियों का भी सम्मान किया। सांसद अभिषेक सिंह ने कहा कि रवेली वासियों का सौभाग्य है कि इस गांव के लाडले सपूत ने छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की खुशबू को पूरे देश में फैलाई है। आज यहां की पुण्य माटी को नमन करने इस चिलचिलाती धूप में मुख्यमंत्री आपके बीच पहुंचे हैं।

उन्होंने दाऊ मंदराजी महोत्सव आयोजित होने वाले मंच के जीर्णोद्वार हेतु 4 लाख रूपए अपने सांसद निधि से देने की घोषणा भी की। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने मंदराजी के छत्तीसगढ़ प्रमुख नाचा विधा एवं लोक कला व संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन में मंदराजी के अवदानों को उल्लेख किया। कार्यक्रम मो जनपद सदस्य देवकुंवर साहू एवं सरपंच नोखेलाल ठाकुर ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में उर्दू अकादमी के अध्यक्ष अकरम कुरैशी, राजगामी संपदा न्यास के पूर्व अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, नरेश डाकलिया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत वर्मा, जनपद अध्यक्ष सरिता कन्नौजे, जिला पंचायत सदस्य मधु सुक्रत साहू, सावन वर्मा, रोहित चंद्राकर, लीलाधर साहू, कलेक्टर भीम सिंह, एसपी प्रशांत अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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