ज्योतिष

कुंडली में बन रहा हैं मांगलिक योग-डरें नहीं यह करें

वैदिक ज्योतिष में, मांगलिक दोष जिसे कुजा दोष या केवल मांगलिक योग के रूप में भी जाना जाता है।

रायपुर: वैदिक ज्योतिष में, मांगलिक दोष जिसे कुजा दोष या केवल मांगलिक योग के रूप में भी जाना जाता है। इस योग के साथ अधिकतर नकारात्मक बातें जुडी हुई है।  मांगलिक दोष को विवाहित जीवन में समस्याएं पैदा करने , खराब स्वास्थ्य, अक्सर झगड़े और जीवनसाथी से अलगाव के लिए जाना जाता  है।  मांगलिक योग का निर्माण जन्मपत्री में मंगल ग्रह की विशेष स्थिति के फलस्वरूप निर्मित होता है।

मंगल दोष को वैवाहिक जीवन के लिए एक हौव्वा बना दिया गया है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। यह एक दम गलत है की इस योग के परिणाम सदैव नकारात्मक ही प्राप्त होते है। जबकि इस योग के परिणाम जानने के लिए हमें मंगल ग्रह की रचनात्मक प्रकृति पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में यह योग बन रहा होता है तो अन्य योगों के द्वारा इस योग का दोष स्वत समाप्त हो रहा  होता है, अन्यथा उपाय या परिहार करने से दोष का निवारण किया जा सकता है।

 मांगलिक योग का परिहार अथवा भंग होना 

  1. जातक की जन्म कुंडली के कुछ ग्रह योग ऎसे भी होते हैं जिनके कुंडली में बनने से मांगलिक योग कैंसिल अथवा भंग हो जाता है।
  2. लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या 12वें भाव में मंगल स्वराशि(मेष या वृश्चिक) या उच्च राशि(मकर में) में स्थित हो तो मांगलिक योग भंग हो जाता है।
  3. इन्हीं उपरोक्त भावों में स्थित मंगल के साथ गुरु स्थित हो या मंगल-गुरु का दृष्टि संबंध बन रहा हो तब भी मंगल दोष का परिहार हो जाता है।
  4. यदि 1,4,7,8 या 12वें भाव में मंगल के साथ राहु हो तब भी मंगल दोष कैंसिल हो जाता है।
  5. मेष राशि का मंगल लग्न मे, धनु राशि का द्वादश भाव मे वृश्चिक राशि का चौथे भाव मे,वृष राशि का सप्तम भाव में कुम्भ राशि का आठवे भाव में हो तो मांगलिक दोष भंग हो जाता है।
  6. मंगल यदि वक्री अवस्था में हो तो इसका प्रभाव कम हो जाता है क्योंकि वक्री ग्रह अपना कम प्रभाव रखते हैं।
  7. यदि गुरु या शुक्र बली हो अथवा उच्च के होकर सप्तम में हो तथा मंगल निर्बल या नीच राशि में स्थित हो तब भी मांगलिक योग का परिहार हो जाता है।
  8. कन्या की कुंडली मे गुरू यदि केन्द्र या त्रिकोण में स्थित हो तो मांगलिक दोष नही लगता।
  9. चन्द्रमा व मंगल एक साथ और केन्द्र में (1,4,7,10) हो तो भी मंगली दोष मिट जाता है। जिसके लग्न मे गुरु बैठा हो अथवा त्रिकोण स्थान (5,9) मे गुरु बैठा और 11वें भाव में शनि हो 10वें भाव में राहु बैठा हो तो भी मंगली दोष समाप्त हो जाता है।
  10. सिंह लग्न और कर्क लग्न में भी लग्नस्थ मंगल का दोष नहीं होता है क्योंकि इन दोनों लग्नों में मंगल केन्द्र व त्रिकोण भाव का स्वामी होकर योगकारी होता है।
  11. मकर लग्न में मंगल लग्न में उच्च का बैठा है और सप्तम भाव में कर्क राशि का चंद्रमा हो तो मंगल दोष भंग हो जाता है।
  12. जन्म कुंडली के जिस भाव में मंगल मांगलिक योग बना रहा है और उस भाव का स्वामी बली है या उसी भाव में बैठा हो या अपने भाव पर दृष्टि रखता हो, साथ ही सप्तमेश या शुक्र अशुभ भावों (6/8/12) में न हो तब भी मांगलिक योग कैंसिल हो जाता है।
  13. यदि वर और कन्या की जन्म कुण्डलियों में परस्पर ग्रह मैत्री है, गण दोष नहीं है तथा 27 अथवा उससे अधिक गुणों का मिलान हो रहा है तब मंगल दोष का विचार नहीं करना चाहिए।

मांगलिक प्रभाव को कम करने के उपाय 

  • यदि किसी व्यक्ति को मांगलिक योग से परेशानी हो रही है अथवा विवाह से पूर्व मांगलिक योग का कोई उपाय करना चाहता है तो वह निम्न उपाय कर सकता है :-
  • यदि कोई लड़का अथवा लड़की मांगलिक है तब विवाह पूर्व उसका गुप्त विवाह पीपल, सालिग्राम अथवा कुंभ(घड़ा) से कर देना चाहिए। इससे मंगल का अशुभ प्रभाव इन चीजों पर टल सकता है।
  • मंगला गौरी व्रत और वट सावित्री का व्रत सौभाग्य प्रदान करने वाला है इसलिए इन व्रतों को रखने से भी मंगल दोष का प्रभाव कम होता है।
  • मंगलवार के दिन व्रत रखकर सिन्दूर से हनुमान जी की पूजा करने तथा हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी मांगलिक दोष की शांति होती है। हनुमान जी की नियमित उपासना करने से मांगलिक दोष काफी हद तक कम हो जाता है और दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है इसलिए हनुमान जी की पूजा जीवन भर करनी चाहिए।
  • मंगल दोष के मामले में सबसे ज्यादा ध्यान व्यक्ति को अपने स्वभाव पर देना चाहिए क्योंकि मंगल व्यक्ति को झगड़ालू और उत्तेजित बनाता है, शारीरिक संबंधों में भी उत्तेजना देता है इसलिए अपने स्वभाव में नरमी लाना बहुत जरुरी है।

मंगल के मंत्र 

मांगलिक योग के प्रभाव को कम करने के लिए नियमित रुप से एक माला निम्न मंत्र की करनी चाहिए :-

ऊँ अं अंगारकाय नम:

अथवा

ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:

 

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री
8178677715, 9811598848

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