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मनमोहन सिंह के नहाने से जुड़े ये 2 किस्से हैं मशहूर, क्या आप जानते हैं?

पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का आज 84वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामना दी.

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को जन्मदिन की शुभकामना देता हूं, मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं.

‘ जाने माने अर्थशास्त्री और देश के दो बार प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का जन्म 1932 में पंजाब प्रांत के गाह बेगल गांव में हुआ था.

यूं तो मनमोहन सिंह की उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त है, जिसे पूरी दुनिया जानती है. इस शख्स का नाम दुनिया के चुनिंदा अर्थशास्त्रियों में गिना जाता है.

बतौर प्रधानमंत्री इनके काम करने के तरीके की बातें तो आए दिन अखबारों में और टेलीविजनों में आते रहते हैं, लेकिन आज हम आपको उनकी निजी जिंदगी से जुड़े दो किस्से बता रहे हैं. इत्तेफाक से ये दोनों किस्से उनके नहाने से जुड़ा है.

कंपकपाती ठंड में भी सुबह 4 बजे नहाते मनमोहन सिंह

अर्थशास्त्री जगदीश भगवती ने एक निजी मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मनमोहन सिंह शुरू से ही अपने काम के प्रति नियमित थे.

हालांकि वे अपनी नींद पूरी लेते थे, लेकिन उनके नहाने का एक किस्सा बढ़ा मशहूर है. ये बात उन दिनों की है जब जगदीश भगवती और मनमोहन सिंह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में साथ-साथ पढ़ते थे.

वे कहते हैं, ‘यूं तो मनमोहन ने सारे शहरी तौर-तरीके सीख लिए थे, लेकिन उसकी एक ऐसी आदत थी जो इंग्लैंड में भी रहकर नहीं बदली.

मनमोहन का प्रारंभिक जीवन गांव में बिता था. भारत के गांव में लोग दिनभर फ्रेश रहने के लिए सूर्योदय के साथ ही नहा लेते हैं.

मनमोहन सिंह इंग्लैंड आकर भी इस आदत को बदल नहीं सके. वे यहां सर्दियों में भी हर रोज सुबह चार बजे नहा लेते थे. मुझे तभी लगा था कि ये किसी मुक़ाम पर जाएगा.’

पीएम नरेंद्र मोदी ने नहाने को लेकर पूर्व पीएम पर कसा था तंज

इसी साल फरवरी में राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नहाने शब्द का प्रयोग कर डॉक्टर मनमोहन सिंह पर तंज कसा था.

पीएम मोदी ने कहा कि उनके कार्यकाल में इतने भ्रष्टाचार हुए, लेकिन उन पर एक दाग तक नहीं लगा. मोदी ने कहा, ‘बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की कला तो कोई डॉक्टर साहब से सीखे.

‘ पीएम मोदी के इस भाषण पर काफी हंगामा बरपा था, कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया था, जिसके बाद सरकार को इसपर सफाई देनी पड़ी थी.

मालूम हो कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से लौटने के बाद मनमोहन सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षक बने. फिर डी फिल के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी गए, अंकटाड (यूनाईटेड नेशन्स कांफ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट) में काम किया, डेल्ही स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया, वित्त मंत्रालय में सचिव बने, योजना आयोग गए, 1982 में रिज़र्व बैंक के गवर्नर बने, योजना आयोग के उपाध्यक्ष का पद संभाला, वी पी सिंह सरकार में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे.

यूजीसी के चेयरमैन बने और तब उनका राजनीति में आगाज हुआ. 1991 में पीवी नरसिम्हा राव ने उन्हें अपनी सरकार में वित्त मंत्री बनाया था. इसके बाद मनमोहन सिंह ने साल 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे.

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