छत्तीसगढ़

15.35 लाख गबन मामला में मनोज गुप्ता को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

कोटा के पूर्व जनपद अध्यक्ष व सीईओ पर फर्जी एनजीओ के साथ मिलकर 15.35 लाख रुपए गबन करने का आरोप

कोटा: जनपद पंचायत पूर्व अध्यक्ष लखन पैकरा, पूर्व सभापति सामान्य प्रशासन समिति के सदस्य, अरविंद जायसवाल व विनोद बंजारे द्वारा कोटा थाने में जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष पूर्व में उपाध्यक्ष रहे पति मनोज गुप्ता पर 15.35 लाख रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने 2018 में कोटा पुलिस को आवेदन दिया गया।

इस मामले में मनोज गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आवेदन में बताया गया कि जुलाई 2011 से 2013 के बीच केंद्रीय सहायता योजना के तहत रोजगार प्रशिक्षण के लिए कोरबा के एनजीओ ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ एंड हाइजीन समिति के नाम पर 15 लाख 35 हजार रुपए का तत्कालीन अध्यक्ष रहे मनोज गुप्ता के नाम पर फर्जी भुगतान किया गया है।

तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी शामिल

वहीं इस फर्जीवाड़ा में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी के भी शामिल होने की बात कही जा रही हैं। जिसके बाद कोटा जनपद पंचायत में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में चर्चा के बाद इस मामले पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया गया था। पुलिस को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत स्वरोजगार प्रशिक्षण के लिए आइडियल इंस्टीट्यूट आॅफ पब्लिक हेल्थ एवं हाइजीन समिति कोरबा को प्रशिक्षण व सामान देने के लिए 2 जुलाई 2011 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोटा ने कार्य आदेश जारी किया था। इसमें वित्तीय अनियमितता हुई।

सामान्य प्रशासन समिति को दी गई जानकारी

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोटा रहे तत्कालीन हिमांशु गुप्ता को यह मामला सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में रखने को कहा गया था। जिसमे सीईओ ने धांधली के बारे में सामान्य प्रशासन समिति को जानकारी दी। जिसके बाद कई गड़बड़ियां सामने आई साथ ही एनजीओ का पंजीयन नहीं होना भी पाया गया। इसी तरह चेक पंजी में दिखाया गया है कि चेक संस्था के अध्यक्ष को दिया गया है और नस्ती में चेक शाखा प्रबंधक सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया शाखा करगीरोड के नाम से बना था।

जिसके बाद तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोटा ने मनोज कुमार गुप्ता के साथ मिलकर 5 मई 2011 एवं 14 अगस्त 2013 को 7 लाख 67 हजार 500 रुपए डीडी से तत्कालीन जनपद अध्यक्ष मनोज गुप्ता को गलत तरीके से भुगतान कर दिया गया।

मनोज कुमार गुप्ता न तो समिति के अध्यक्ष हैं और न ही सचिव है, जबकि नियम के अनुसार भुगतान एनजीओ के अध्यक्ष या सचिव के नाम से होना था। मनोज गुप्ता ने भुगतान अपने नाम से लेकर शासकीय राशि का गबन किया ।

मनोज गुप्ता को गिरफ्तार कर बिलासपुर जेल किया दाखिल

शिकायत आवेदन में तत्कालीन लिपिक रमाकांत खेर, सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी जनपद पंचायत का बयान भी संलग्न किया गया । बयान में मनोज कुमार पर अपने पद का दुरुपयोग कर दबावपूर्वक उक्त रकम का भुगतान कराने का जिक्र था। जिसके बाद 2018 में कोटा थाना में पदस्त रहे टीआई कृष्णकांत राजपूत ने मामला दर्ज कर मामले की जांच में सही पाया गया ,जिसके बाद मनोज गुप्ता द्वारा अग्रिम जमानत याचिका दायर किया गया था, न्यायालय ने मामले को खारिज करते हुए, गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया जिसके बाद, कोटा पुलिस ने मनोज गुप्ता को उसके घर से गिरफ्तार कर, बिलासपुर जेल दाखिल कर दिया गया,

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