मैनपाट तिब्बती संस्कृति और स्थानीय संस्कृति का अनुपम संगम : राज्यपाल

राज्यपाल पटेल ने मैनपाट में विभिन्न पर्यटन स्थल का किया अवलोकन

रायपुर: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि मैनपाट में बसे तिब्बतियों ने गौतम बुद्ध के संदेशों को आत्मसात करते हुए यहां के स्थानीय लोगों के साथ मिल-जुलकर जीवन-यापन कर रहे हैं और तिब्बती संस्कृति के साथ ही साथ स्थानीय सांस्कृतिक को महत्व देकर मैनपाट में संस्कृतियों का अनुपम संगम स्थापित किया है।

राज्यपाल पटेल ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट में स्थित प्रथम बुद्ध मंदिर में आयोजित तिब्बती संास्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध का संदेश पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में एकाकार करने का रहा है। उनका संदेश वसुधैव कुटुम्बकम के लिए प्रेरित करता है।

Manpatt Tibetan culture and the unique confluence of local culture: the governor

इसके पूर्व तिब्बती समुदाय द्वारा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का तिब्बती परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। पटेल ने प्रथम बुद्ध मंदिर में भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्ध एवं खुशहाली के लिए कामना की। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए।

राज्यपाल पटेल ने मैनपाट स्थित पर्यटन स्थल टाईगर प्वांईंट तथा जलजली, पहंुचकर वहां के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया। उन्होंने मैनपाट के प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा।

Manpatt Tibetan culture and the unique confluence of local culture: the governor

उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सहेजते हुए पर्यटन स्थलों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने तिब्बती समुदाय द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का भी अवलोकन किया और वहां निवासरत बुजुर्गों से मुलाकात की तथा हाल-चाल जाना।

मैनपाट प्रवास के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मैनपाट में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का अवलोकन किया तथा वहां विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ दी जा रही अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए लक्ष्य निर्धारित करें और इसके लिए एक कार्ययोजना बनाएं। पटेल ने बच्चों से शिक्षा सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की।

राज्यपाल पटेल ने सरगुजा जिले के गोदना एवं भित्तिचित्र शिल्पकारों द्वारा निर्मित कलाकृति एवं कोसा एवं सूती कपड़े में हस्त निर्मित की गई गोदना पेंटिंग का अवलोकन किया। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी प्रियंका पाण्डेय, अपर कलेक्टर कुलदीप शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अतुल शेट्टे अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Back to top button