केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार की अटकलों के बीच कई नेताओं को बुलाया गया दिल्ली

केंद्रीय कैबिनेट में इस बार 20 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है

नई दिल्ली:केंद्रीय कैबिनेट में विस्तार की अटकलों के बीच कई नेताओं को नई दिल्ली बुलाया गया है. इनमें राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र में पार्टी के बड़े नेता नारायण राणे, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल शामिल है. इनके केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने की अटकलें तेज़ हो गई हैं.

मोदी कैबिनेट में शामिल होंगे सिंधिया?

कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिल सकती है. सिंधिया अभी मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं, लेकिन मंगलवार को अचानक उन्होंने अपना दौरा रद्द किया और अब वह नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

तय कार्यक्रम के मुताबिक, ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंगलवार को देवास के बाद इंदौर का दौरा करना था. लेकिन अब उन्होंने अपने कार्यक्रम में बदलाव किया और देवास के बाद सीधे नई दिल्ली रवाना होंगे.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को गिरवाकर फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनवाने में ज्योतिरादित्य सिंधिया का अहम रोल रहा था. नई दिल्ली रवाना होने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उज्जैन में महाकाल के दर्शन भी किए.

और किन्हें बुलाया गया है दिल्ली?

महाराष्ट्र में भले ही भाजपा अभी विपक्ष में हो. लेकिन यहां के बड़े नेता नारायण राणे को भी केंद्रीय कैबिनेट में शामिल करने की अटकलें तेज़ हैं. नारायण राणे को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दफ्तर से फोन पहुंचा है, जिसके बाद वह आज ही नई दिल्ली आ सकते हैं.

साथ ही असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को भी नई दिल्ली बुलाया गया है. सर्वानंद सोनोवाल मंगलवार को गुवाहाटी से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए. लोक जनशक्ति पार्टी के नेता पशुपति पारस को भी केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिल सकती है. हाल ही में पशुपति पारस ने साथी सांसदों के साथ मिलकर पार्टी पर अपना अधिकार जमा लिया और चिराग पासवान को अकेला कर दिया था.

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी अपने हिमाचल दौरे के बाद वापस नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि अगले एक या दो दिनों में कैबिनेट विस्तार हो सकता है.

माना जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट में इस बार 20 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों को तरजीह मिल सकती है. मुख्य फोकस चुनावी राज्यों पर किया जा सकता है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button