मराठा क्रांति मोर्चा कार्यकर्ताओं ने ट्रक को आग लगाई , जमकर किया हंगामा

औरंगाबाद में सरकारी बसों की सेवा मंगलवार को बंद है।

औरंगाबाद : आपको बता दें कि मराठा आंदोलन उग्र होने की वजह से उस्मानाबाद शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। औरंगाबाद-पुणे मार्ग भी बंद है। यहां मराठा क्रांति मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

औरंगाबाद में सरकारी बसों की सेवा मंगलवार को बंद है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार को औरंगाबाद जिले के सिल्लोड तहसील स्थित कायगांव टोक में एक 28 वर्षीय युवक काका साहेब दत्तात्रय शिंदे ने गोदावरी नदी में छलांग लगा दी थी।

उसकी मौत के बाद मराठा आंदोलन घटना स्थल पर अधिक आक्रामक हो गया। मृतक के परिवार को मुआवजा और भाई को नौकरी देने का वादा प्रशासन की ओर से किया गया है।

जानें क्यों उग्र हो गया है मराठा समाज

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ राज्य के सबसे बड़े मराठा समाज में आग सुलग रही है। मराठों का गुस्सा उबाल मार रहा है। 72 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती में मराठों के लिए 16 प्रतिशत पद आरक्षित रखने का सीएम का फैसला इस आग को ठंडा करने के बजाय और भड़का रहा है।

पूजा करने पंढरपुर न जाने के मुख्यमंत्री के फैसले पर भी मराठा समाज नाराज है। मराठा समाज को लग रहा है कि मुख्यमंत्री ने यह फैसला मराठों को अपमानित करने के लिए लिया है।

श्रद्धालुओं से भरी बस फंसी

इस बीच महाराष्ट्र बंद की वजह से पंडरपुर में आयोजित ‘वारी’ (एक धार्मिक यात्रा) में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं से भरी बस पिछली रात से लातुर बस स्टैंड पर फंसी हुई है। बस कंडेक्टर ने बताया, ‘हमें अपने रिस्क पर आगे जाने के लिए कहा गया है। लोगों ने कहा, ‘यहां कोई स्टाफ नहीं है और हमारे पैसे भी नहीं लौटाए जा रहे हैं।’

मराठा क्रांति मोर्चा के सदस्यों का प्रदर्शन

औरंगाबाद के डीएम उदय चौधरी ने कहा, ‘महाराष्ट्र सरकार ने मराठा क्रांति मोर्चा की ज्यादातर मांगें स्वीकार कर ली है। साथ ही आरक्षण की मांग की रिपोर्ट जल्द ही सरकार को भेजी जाएगी। हम युवक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और उसके भाई को सरकारी नौकरी देंगे।’

दूसरी ओर जल समाधि प्रदर्शन के दौरान गोदावरी नदी में कूदे शख्स की मौत के खिलाफ मराठा क्रांति मोर्चा के सदस्यों का प्रदर्शन जारी है।

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