पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में संपन्न हुआ दोनों आत्मसमर्पित माओवादियों का विवाह

दाम्पत्य सूत्र में बांधने का काम पुलिस ने कर दिखाया

राजनांदगांव: पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में एस पी कार्यालय के समीप ही मन्दिर में आत्मसमर्पण के बाद दोनों आत्मसमर्पित माओवादियों का विवाह पूरी रीतिरिवाज के साथ सम्पन्न हुआ।

दस वर्षों तक साथ मे रहते हुए नक्सलवाद का साथ देने वाले महिला एवं पुरुष नक्सली ने दलम कमांडेंट की प्रताड़ना से तंग आकर नक्सलवाद का मार्ग त्याग दिया। दो दिलो के मिलने के बाद शादी में रोड़ा दोनों का नागवार गुजरा और उन्होंने पुलिस के समक्ष हथियार डालते हुए अंततः ग्रहस्थ जीवन अपनाने का निश्चय कर विवाह कर लिया।

जिले के नक्सल सेल एएसपी गोरखनाथ बघेल ने बताया कि महिला नक्सली सरिता उर्फ सुशीला ने प्रहरी नेटवर्क में लगभग 9 वर्ष टांडा दलम में कार्य किया। इसी तरह राजेश टोप्पो उर्फ अजित उर्फ लच्छू ने लगभग 10 वर्ष तक मलाजखंड एरिया कमेटी सदस्य के रूप में नक्सलवाद का साथ दिया।

दोनों को कई बार एक साथ लें लड़ने का अवसर मिला, इसी बीच दोनों में प्यार हो गया, इसकी जानकारी नक्सली कमांडर दीपक तक पहुँच गई कि दोनों शादी करना चाहते है, इस पर दीपक ने अपनी सहमति नही दी और दोनों को प्रताड़ित करने लगा, कमांडर दीपक ने दोनों को अलग करने के इरादे से महिला नक्सली सरिता को दूसरे दलम में ट्रांसफर पर दिया । इस बात से नाराज सरिता ने मार्च 2019 में आ0ने हथियार डाल दिये, और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

इस बात की सूचना राजेश टोप्पो को मिली मौका पाकर राजेश ने भी सितम्बर 2019 में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के संरक्षण में रहते हुए दोनों आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उच्चाधिकारियों से अपनी मंशा प्रकट करते हुए साथ रहने की बात कही ।आखिरकार समाज की मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों को दाम्पत्य सूत्र में बांधने का काम पुलिस ने कर दिखाया।

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