धमतरी वनमण्डल ने सबसे पहले तैयार किए जन जैव विविधता पंजी

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने किया विमोचन

रायपुर : प्रदेश के सबसे पहले निर्मित 39 जन जैव-विविधता पंजी का आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय अटल नगर में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ने विमोचन किया। इसके साथ ही जैव विविधता प्रबंधन समितियों को हस्तानांतरित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई। वर्ष 2006 में जैव विविधता बोर्ड के गठन के उपरांत पहली बार धमतरी वन मण्डल द्वारा सर्वप्रथम जैव विविधता पंजी निर्मित की गई है।

उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑन बॉयोडायवर्सिटी के तहत देश में वर्ष 2002 में जैव विविधता अधिनियम को लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत स्थानीय समुदाय का सशक्तिकरण करने हुए जैव विविधता का संरक्षण किया जाना प्रावधानित है। इसके अंतर्गत छ.ग. राज्य में 10 हजार से भी अधिक स्थानीय निकायों में जैव विविधता प्रबंधन समितियों का गठन एवं इन समितियों द्वारा जन जैव विविधता पंजी का निर्माण करना कानूनी बाध्यता है।

जैव विविधता अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत यह कानूनीरूप से मान्य पंजी है जिसमें दर्ज जैव संसाधनों के उपयोग की प्रक्रिया और लाभ पर स्थानीय जैव विविधता प्रबंधन समितियों का पूर्णरूपेण अधिकार होता है। धमतरी वनमंडल द्वारा विभिन्न प्रकार के वन, कृषि, जल संसाधन, जलीय, भूमियों जीवाणुओं को समाहित करते हुए एवं स्थानीय समुदाय के पांरपरिक ज्ञान को समिति द्वारा इस पंजी में अभिलेखीकरण किया गया हैं। भविष्य में इन पंजियों में दर्ज जैव संसाधनों के आधार पर ही स्थानीय जैव विविधता प्रबंधन समितियों के द्वारा जैव संसाधनों के संवर्धन, संरक्षण के संबंध में न सिर्फ कार्य किये जा सकेंगे, बल्कि उन्हें इसके वाणिज्यक उपयोगकर्ताओं पर शुल्क लागू करने और इन संसाधनों पर आधारित बड़े-बड़े उद्योगों पर उनके द्वारा अर्जित लाभ में हिस्सेदारी और बौद्धिक सम्पदा अधिकार में दावा भी करने की कानूनी क्षमता हासिल हो सकेगी।

इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास योजना) श्री तपेश कुमार झा, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री संजय ओझा, धमतरी वन मण्डल के वनमण्डालाधिकारी श्री मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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