छत्तीसगढ़

टोल प्लाजा को हटाने दो बार हुआ जबरदस्त आंदोलन, अंततः हाई कोर्ट में जनहित याचिका मंजूर

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

राजनांदगांव – नेशनल हाईवे में स्थित राजनांदगांव-दुर्ग रोड में संचालित टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थापित करने की एक जनहित याचिका को स्वीकार करते हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार समेत टोल कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अशोका बिल्डकान नामक कंपनी द्वारा गैरकानूनी तरीके से वाहनों से वसूली करने को आधार बनाकर राजनांदगांव के रईस अहमद शकील ने जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट से आम जनता के पक्ष में न्याय की गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ता ने अपील में कोर्ट को जानकारी देते बताया कि ठाकुरटोला में संचालित टोल प्लाजा में तय दूरी से परे वाहनों से टोल टैक्स लिया जाता है।

भारत सरकार की गाईड लाइन में एक टोल प्लाजा और दूसरे टोल नाके के बीच 60 किमी की दूरी में टैक्स लिए जाने का प्रावधान है। याचिका में कहा गया है कि कंपनी द्वारा केंद्र सरकार के नियमों को दरकिनार करते महज 30 किमी की दूरी पर टोल टैक्स लिया जा रहा है। तकरीबन 10 वर्षों से कंपनी ने 4 और दो पहिया वाहनों से भारी भरकम वसूली की है। राजनांदगांव शहर से करीब 8 किमी दूर स्थित अशोक बिल्डकॉन कंपनी की टोल प्लाजा में राजनीतिक दबाव के बाद नांदगांव जिले के कार और दो पहिया वाहनों को टोल टैक्स मुक्त किया। दीगर जिलों के लोगों से अब भी कंपनी द्वारा टैक्स लिया जा रहा है।

ठाकुरटोला के बाद करीब 30 किमी की दूरी में दुर्ग बायपास पर दूसरे टोल प्लाजा में भी टैक्स पटाना पड़ता है। यानी नांदगांव से रायपुर जाने के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से दो बार रोड टैक्स देना पड़ता है। यहां यह बता दें कि करीब सालभर पहले राजनांदगांव की महापौर हेमा देशमुख ने दलगत राजनीति से उपर उठकर टोलप्लाजा को अन्यत्र हटाने के लिए शहर की जनता के साथ प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान यह मांग उठी थी कि ठाकुरटोला टोल प्लाजा नियमानुसार नागपुर रोड में टप्पा में स्थापित किया जाए। उनकी इस मांग को राजनांदगांव चेम्बर ऑफ कामर्स, बस यूनियन समेत अन्य व्यापारिक और गैर व्यापारिक वर्ग ने समर्थन किया था। इन्हीं बिन्दुओं को लेकर याचिकाकर्ता श्री अहमद ने हाईकोर्ट में टोलप्लाजा को अन्यत्र स्थापित करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार करने योग्य मानते संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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