मप्र में दिल्ली जैसी हैवानियत, दुष्कर्म के कारण बाहर निकल आई मासूम की आंत

इंदौर : मध्य प्रदेश के मंदसौर में आठ साल की बच्ची के साथ न केवल दुष्कर्म किया गया, बल्कि आरोपित ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने मासूम बच्ची के प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाने के लिए उसमें रॉड या लकड़ी जैसी कोई वस्तु भी डाली। इससे उसकी आंतें बाहर निकल आईं। इस हैवानियत ने दिल्ली दुष्कर्म कांड की यादें ताजा कर दीं हैं।

इंदौर के एक अस्पताल के डॉक्टरों ने दो घंटे में तीन सर्जरी कर बच्ची की जान बचाई। गौरतलब है कि नाले किनारे झाड़ियों के बीच बुधवार को एक बालिका बदहवास हालत में मिली थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपित इमरान उर्फ भय्यू खां (20) को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। वह नशे का आदी है।

तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची को बुधवार को ही मंदसौर से इंदौर के अस्पताल लाया गया। यहां उसकी सर्जरी की गई। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है। दहशत के कारण वह बात नहीं कर पा रही है।

गला रेतने की भी कोशिश की : आरोपित इरफान उर्फ भय्यू खां ने उसका गला रेतने की भी कोशिश की थी। पीडियाटिक सर्जन डॉ. बृजेश लाहोटी ने बताया कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. वीएस पाल के मुताबिक गुरुवार को उसे थोड़ा पानी दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर वार्ड में गुरुवार को एंट्री गेट पर दो सुरक्षाकर्मी और सामने की ओर पांच महिला सिपाही तैनात किए गए।

दुष्कर्म के आरोपित इरफान की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बुधवार रात 11.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। उन्होंने मांग की थी कि आरोपित को उनके हवाले करो, उसे सजा वे देंगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाकर रवाना किया तो नाराज युवाओं ने बस स्टैंड पर खड़ी दो बसों के कांच फोड़ दिए।

फूड जोन में एक होटल में भी तोड़-फोड़ की कोशिश की। वारदात से हर वर्ग में आक्रोश है। मंदसौर में गुरुवार सुबह से व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। बसें भी कम चलीं और स्कूल बंद रहे।

जज खुद पहुंचीं पुलिस कंट्रोल रूम : लोगों का गुस्सा देखते हुए पुलिस ने इरफान को कोर्ट में पेश नहीं किया। शाम को न्यायाधीश शबनम मंसूरी खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचीं। वहां पुलिस ने आरोपित को उनके समक्ष पेश कर रिमांड मांगी। न्यायाधीश ने दो जुलाई तक की रिमांड पर पुलिस को सौंपा।

कब्रिस्तान में नहीं देंगे जगह : अंजुमन सदर व मंदसौर के शहर काजी ने कहा कि मामले के आरोपित को फांसी के बाद शहर के कब्रिस्तान में जगह नहीं दी जाएगी। वकीलों ने आरोपित की पैरवी नहीं करने की शपथ ली।

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