छत्तीसगढ़

राजकीय सम्मान के साथ विदा हुईं मावली माता की डोली

जगदलपुर : बस्तर दशहरा में शामिल होने दंतेवाड़ा से जगदलपुर पहुंची मां दंतेश्वरी, मावली माता की सामूहिक महाआरती की गई। पुलिस जवानों की ओर से गार्ड ऑफ आनर देने के बाद ससम्मान विदाई शनिवार को की गई। बस्तर राजपरिवार के कमलचंद्र भंजदेव ने माटी पुजारी के रूप में मां की डोली को कंधे पर उठाकर जिया डेरा तक पैदल चलकर विदाई की रस्म अदा की। इस दौरान भक्त पूरे मार्ग पर पुष्पवर्षा करते रहे। जगह-जगह आतिशबाजी की गई। माता के जयकारे के साथ दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के अनेक महत्वपूर्ण रस्मों में से एक अंतिम रस्म मावली विदाई विधान शनिवार की सुबह 11 बजे से शुरु हुआ। सबसे पहले दंतेश्वरी मंदिर के समक्ष विशाल मंच पर माता की डोली सजाई गई। सम्मान में गार्ड ऑफ आनर दिए। इसके पश्चात यहां से करीब 3 किमी दूर जीया डेरा तक माता की डोली राजपरिवार के कमलचंद्र भंजदेव व अन्य सदस्य दंतेश्वरी मंदिर के पुजारियों का दाल कंधों पर लेकर निकला । इस दौरान 1100 मंगल कलशों के साथ महिलाएं व युवतियां सड़क के दोनों ओर कलश यात्रा निकाली। जगह-जगह आतिशबाजी की गई।

सड़कों पर सजाई गई रंगोलियां : जिस मार्ग से माता की डोली निकली वहां अनेक समाज के लोगों ने रंगोली सजाकर माता का स्वागत किया। मावली परघाव रस्म की तरह ही बस्तर दशहरा में मावली विदाई का विधान भी धूमधाम से किया जाता है। 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा मावली विदाई के साथ ही समाप्त हुआ। इस दौरान दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं सांसद दिनेश कश्यप, स्थानीय विधायक संतोष बाफना, राजगुरु परिवार के नवीन ठाकुर, सुकमा जमीदार परिवार के कुमार जयदेव, पूर्व महापौर किरण देव, राज ज्योतिष हरीशचंद्र पट्टजोशी, दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी कृष्णकुमार पाढ़ी, उदयकांत पाणीग्राही, दंतेवाड़ा दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी जीया अन्य जनप्रतिनिधि के साथ कलेक्टर धनंजय देवांगन, तहसीलदार डीडी मंडावी, नायब तहसीलदार श्री बघेल एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी समेत काफी संख्या में गणमान्य नागरिक व भक्तगण मौजूद थे।

सुरक्षा के तगड़े इंतजाम : मावली विदाई के दौरान व्यवस्था बनाए रखने जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम कर रखे थे। दंतेश्वरी मंदिर से जीया डेरा तक सड़क के दोनों ओर पुलिस के जवान हाथों में रस्सी लेकर भीड़ को कंट्रोल करते रहे। सुबह से ही इस मार्ग पर जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। माता के दर्शन करने वाले श्रद्धालु माता की डोली को स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की चाह के साथ पहुंचे, जिन्हें दूर से डोली के दर्शन करने दिया गया।

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मावली माता
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