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मोदी को हराने के मकसद से मायावती व अखिलेश का मिलन : केशव मौर्य

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम तथा फूलपुर से सांसद रहे केशव प्रसाद मौर्य का मानना है कि समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी का मिलन क्षणिक है। केशव प्रसाद मौर्या इलाहाबाद के फूलपुर में होने वाले लोकसभा उप चुनाव को लेकर बेहद गंभीर है। वह लगातार यहां पर भाजपा के प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल के प्रचार अभियान में लगे हैं।

केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि बसपा मुखिया मायावती अगर फूलपुर और गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करती हैं तो वह उनकी पार्टी का सपा में विलय कर देने की तरह होगा। उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि इनका विलय होने पर पार्टी के मुखिया अखिलेश होंगे या मायावती। मौर्या ने कहा कि यह संभावित मिलीभगत नरेंद्र मोदी हराओ प्रतियोगिता का हिस्सा है, जिसमें देश की दूसरी विपक्षी पार्टियां भी काफी जोर से लगी हुई हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि सपा व बसपा के साथ आ जाने के बाद भी फूलपुर और गोरखपुर चुनाव के नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इन दोनों ही जगहों पर भाजपा के के विकास का कमल खिलेगा। केशव मौर्य का मानना है कि पिछले चुनाव में सपा- बसपा और कांग्रेस उम्मीदवारों को मिले वोटों को जोडऩे के बाद भी बीजेपी आगे थी और वही सूरत इस उपचुनाव में भी देखने को मिलेगी। उनके मुताबिक पूर्वोत्तर राज्यों के नतीजों और समूचे देश में बीजेपी की बढ़ती ताकत को देखकर विपक्षी पार्टियां बौखला गई हैं, इसी कारण अब वह नापाक गठबंधन कर रही हैं।

केशव मौर्य ने इलाहाबाद में कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों खासकर त्रिपुरा के नतीजे 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए बड़े संकेत हैं। उनके मुताबिक़ मोदी और शाह की जोड़ी जिस तरह से कमाल कर रही है, उससे साफ़ है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक, बंगाल और केरल में भी कमल खिलेगा और समूचे देश में भाजपा का एकछत्र राज हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि तीन राज्यों के नतीजों के दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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