छत्तीसगढ़

छह जनवरी को होगा महापौर का चुनाव, मतगणना भी हो जाएगी उसी दिन

निर्दलीय पार्षद तय करेंगे राजधानी का मेयर

रायपुर: रायपुर नगर निगम के लिए छह जनवरी को महापौर और सभापति पद के लिए नामांकन होगा और उसी दिन वोटिंग के बाद मतगणना भी हो जाएगी। छह जनवरी को नगर निगम के सभाकक्ष में जिला निर्वाचन अधिकारी एस भारतीदासन पार्षदों को सुबह साढ़े दस बजे शपथ दिलाएंगे।

साढ़े 12 बजे से महापौर और सभापति पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। शाम चार से पांच बजे तक मतदान होगा। पांच बजे के बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा होगी। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के बाद कांग्रेस और भाजपा ने महापौर और अध्यक्ष पद के दावेदारों के लिए रायशुमारी तेज कर दी है।

इस बीच, बदले राजनीतिक समीकरण में निर्दलीय पार्षद भी महापौर पद के लिए ताल ठोंकते नजर आ रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की मानें तो कांग्रेस और भाजपा के साथ अगर निर्दलीय भी नामांकन दाखिल करते हैं तो बहुमत के आधार पर निर्णय होगा।

निर्दलीयों को साधने महापौर दावेदार होटलों और घरों में कर रहे मुलाकात

कांग्रेस के सभी महापौर दावेदार निर्दलीयों को साधने में जुट गए हैं। प्रमुख दावेदार प्रमोद दुबे और एजाज ढेबर अलग-अलग तरह से सभी सातों निर्दलीयों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। संगठन ने समर्थन जुटाने की जिम्मेदारी इन्हीं दावेदारों को सौंप दिया है।

एक दावेदार ने एमजी रोड में पार्टी के कुछ पार्षदों को बुलाकर उनसे महापौर और सभापति को लेकर चर्चा की। एक प्रमुख प्रत्याशी भी निर्दलीयों के घर-घर जाकर मुलाकात कर रहे हैं। इन प्रमुख दावेदारों के अलावा कुछ अन्य दावेदार विधायकों को साधने में लगे हैं।

प्रदेश भर के पार्षदों का राजधानी में जमावड़ा

नगर निगम, नगर पंचायत का चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से निर्वाचित पार्षदों का राजधानी रायपुर के बड़े से लेकर छोटे होटलों में जमावड़ा लगा हुआ है। पिछले चार-पांच दिनों से लगातार होटलों में कांग्रेस, भाजपा के साथ जीते हुए निर्दलीय पार्षद आकर ठहर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि ये अपने-अपने स्तर पर जुगाड़ लगा रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेताओं से सुबह-शाम मिलने के साथ ही निगम में मेयर, सभापति, नगर पालिका और नगर पंचायत में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष आदि के जुगाड़ लगाने चक्कर काट रहे है।

राजधानी में राजनांदगांव, बिलासपुर, कवर्धा, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, अंबिकापुर, रायगढ़, कोरिया, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरबा, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर समेत अन्य जगहों से निर्वाचित कांग्रेस, भाजपा के साथ निर्दलीय पार्षद पद की लाबिंग में होटलों में रुके हुए हैं।

बिलासपुर में बागी के समर्थन से कांग्रेस मजबूत

बिलासपुर में बागी होकर चुनाव लडऩे वाली कांग्रेस नेत्री के पार्टी को समर्थन देने के बाद अब बिलासपुर में भी कांग्रेस का मेयर बनना लगभग तय हो गया है। लेकिन कोरबा का पेंच अभी भी फंसा हुआ है।

कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि वे वहां पर भी अपना महापौर बनाने में सफल हो जाएंगेे। शनिवार को राजीव भवन में बिलासपुर की बागी होकर चुनाव लड़कर पार्षद बनीं संध्या तिवारी ने कांग्रेस प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही कांग्रेस पार्षदों की संख्या 36 हो गई है। इससे 70 वार्डों वाले बिलासपुर में कांग्रेस का महापौर बनने का रास्ता साफ हो गया है।

निर्दलीय पार्षद संध्या तिवारी ने महामंत्री अटल श्रीवास्तव के साथ मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात कर कांग्रेस को समर्थन दिया। चुनाव से पहले संध्या ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसी तरह शनिवार को चिरमिरी के निर्वाचित सभी 25 पार्षदों ने सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात की। इनमें महापौर की दावेदार बबीता सिंह और एक पार्षद नहीं थे।

माकपा ने कहा- कांग्रेस को नि:शर्त समर्थन नहीं

कोरबा नगर निगम में महापौर को लेकर पेंच फंस गया है. यहां किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. नगर निगम में महापौर बनाने के लिए निर्दलीय और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की जरूरत पड़ेगी. शनिवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस को निशर्त समर्थन नहीं देंगे.

कांग्रेस पहले जनता के मुद्दों को लेकर अपनी रूख स्पष्ट करें, तब उनको समर्थन देंगे। गौरतलब है कि निगम में माकपा के दो पार्षद चुनकर आये हैं, जिनके समर्थन की जरूरत कांग्रेस को निगम सरकार बनाने के लिए पड़ेगी. इस प्रकार माकपा ने तटस्थ रवैया अपनाते हुए गेंद कांग्रेस के पाले में ही डाल दी है।

कोरबा नगर निगम में कुल 67 सीट है. जिसमें भाजपा 31 और कांग्रेस 29 सीटों पर जीत हासिल की है. वहीं 5 निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर आए हैं. बहुमत के लिए 34 पार्षदों की जरूरत हैं।

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