अंतर्राष्ट्रीय

भारतीय मूल की मेधा राज बनीं जो बिडेन के डिजिटल कैम्पेन की चीफ

अब बिडेन के अभियान के डिप्टी डिजिटल डायरेक्टर बनाए गए हैं. वह आम लोगों से चंदा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी उठाएंगे.

अमेरिका

में 3 नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं. कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus) की वजह से इस बार के अमेरिकी चुनाव पूरी तरह वर्चुअल होंगे. इस बीच भारतीय मूल की अमेरिकी मेधा राज (Medha Raj) को चुनाव से संबंधित एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. मेधा राज को डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन (Joe Biden) के डिजिटल प्रचार का चीफ बनाया गया है.

डिजिटल विभाग के सभी पहलुओं पर काम करेंगी मेधा

बिडेन के चुनाव प्रचार अभियान के अधिकारियों के अनुसार, मेधा डिजिटल डिपार्टमेंट के सभी पहलुओं पर काम करेंगी. डिजिटल प्रचार के जरिए उनका काम नतीजों को ज्यादा से ज्यादा सफल बनाने का होगा. मेधा इस जिम्मेदारी के मिलने से खुश हैं. उन्होंने लिंक्डइन पर कहा, “यह शेयर करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है कि मैं चुनाव के 130 दिनों के लिए डिजिटल प्रमुख के रूप में जो बिडेन के अभियान में शामिल हो गई हूं और अब मैं एक मिनट भी बर्बाद नहीं करूंगी.”

जुड़ चुकी हैं पीट बुटीगीग के चुनाव प्रचार अभियान से

मेधा जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में ग्रेजुएट और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA हैं. बता दें कि मेधा इससे पहले पीट बुटीगीग (Pete Buttigieg) के चुनाव प्रचार अभियान से भी जुड़ चुकी हैं. बुटीगीग ने भी अब जो बिडेन को अपना समर्थन दिया है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार क्लार्क हम्फ्री (Clarke Humphrey), जो 2016 में हिलेरी क्लिंटन (Hillary Clinton) के चुनाव प्रचार अभियान में काम कर चुके हैं, अब बिडेन के अभियान के डिप्टी डिजिटल डायरेक्टर बनाए गए हैं. वह आम लोगों से चंदा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी उठाएंगे.

ट्रंप चुनाव में बिडेन से चल रहे पीछे

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव करीब हैं. 77 साल के जो बिडेन, मौजूदा राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी (Republican) के उम्मीदवार 74 साल के डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को चुनौती देंगे. हालिया चुनाव के पूर्व सर्वे में ट्रंप अपने प्रतिद्वंद्वी बिडेन से औसतन 8 प्रतिशत पीछे हैं. बिडेन आने वाले 20 अगस्त को विस्कांसिन के मिल्वॉकी शहर में डेमोक्रटिक पार्टी (Democratic Party) के सम्मेलन में औपचारिक तौर पर राष्ट्रपति चुनावों के उम्मीदवार के रूप में नामांकन स्वीकार करेंगे.

कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव अमेरिका में

कोरोनावायरस महामारी के खतरे को देखते हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन कमेटी (DNCC) ने बुधवार को सम्मेलन के मिल्वॉकी से ऑनलाइन प्रसारण की घोषणा की ताकि अमेरिका के सभी नागरिक इसे देख सकें. आपको बता दें कि कोरोनावायरस ने सबसे ज्यादा अमेरिका को प्रभावित किया है. 26.4 लाख से भी ज्यादा संक्रमण और 1.28 लाख से भी ज्यादा मौत के मामलों के साथ अमेरिका दुनिया में पहले स्थान पर बना हुआ है.

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