अजीबोगरीब परीक्षा केंद्र, यहां परीक्षार्थियों का स्वागत गांजा पिलाकर किया जाता है

झुंझुनूं. जिले के गुढ़ा क्षेत्र में एक अजीबोगरीब अस्पताल है। अस्पताल को 60 बेड की मान्यता राज्य सरकार द्वारा मिली है मगर वहां पर 60 की जगह एक भी बेड मरीज के लिए उपलब्ध नहीं है। दरअसल, यह अस्पताल कम और नशीले पौधों का बागान ज्यादा नजर आता है।

अस्पताल कैंपस में एक निजी यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षा केंद्र खोलकर परीक्षा दिलवाई जाती है। खुले में बिठाकर परीक्षार्थियों को कॉपियों की नकल करवाकर और उनके प्रश्न और उत्तर खुद ही संचालक द्वारा बना कर दिया जाता है। कॉलेज में आने वाले सभी परीक्षार्थियों का स्वागत गांजा पिलाकर किया जाता है।

3 साल में मिल जाती है डिग्री

यहां पर मात्र 3 साल मैं डॉक्टर की डिग्री मिल जाती है। एक आम आदमी मात्र 3 साल में डॉक्टर बनने की चाह में यहां आता है। पैसे को पानी की तरह बर्बाद कर देते है। संस्था संचालक ने कहा कि 2008 में यह संस्था रजिस्टर्ड है और यह दिल्ली की गांधी नेशनल एकेडमी नेचुरोपैथी का सेंटर है। डॉक्टर की उपाधि भी गांधी नेशनल एकेडमी नेचुरोपैथी द्वारा दी जाती है।

घोटाले की जांच की उठी मांग
चिकित्सालय के घोटालों की जांच करवाने के लिए लोगों ने जब मांग की और संबंधित उपखंड अधिकारी को सूचना देकर वहां बुलाया। उपखंड अधिकारी शिवपाल जाट ने मौका मुआयना कर प्राकृतिक चिकित्सालय संचालक अंतर सिंह चौधरी से पूछताछ की।

कार्रवाई के नाम पर अधिकारी पल्ला झाड़ा
जब लोगों ने पूछा कि कैंपस में गांजा उसकी खेती है, तो संबंधित उपखंड अधिकारी ने भी कोई उचित कार्रवाई न करते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। जबकि उपखंड अधिकारी सहित तहसीलदार ने भी उन पौधों का निरीक्षण कर उनको सूंघकर मान लिया कि यह गांजे के पौधा है। हालांकि अंत में उन्होंने जांच का भरोसा दिया है।

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