रुपए में गिरावट से मेडिकल डिवाइसेज होगी मंहगी

डॉलर और यूरो के मुकाबले रुपए की कमजोरी और इन्फ्लेशन की वजह

मुंबई: रुपए में लगातार गिरावट का असर बीमार लोगों के इलाज पर पड़ेगा। डॉलर के मुकाबले रुपए में बढ़ रही गिरावट की वजह से बाहर से आयातित मेडीकल डिवाइसेज और बाहर से आने वाली दवाई मंहगी होगी।

डॉलर और यूरो के मुकाबले रुपए की कमजोरी और इन्फ्लेशन की वजह से काडयक स्टेंट्स, ऑर्थोपैडिक इम्प्लैन्ट, हार्ट वॉल्व और कैथटर जैसी मैडीकल डिवाइसेज की कीमतें बढ़ सकती हैं।

जनवरी से अगस्त के बीच रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 10.7 फीसदी गिर चुका है और यूरो की तुलना में 7.6 फ फीसदी कमजोर हो चुका है।

इसके अलावा इन्फ्लेशन की वजह से भी ऑप्रेटिंग कॉस्ट 5.6 फीसदी बढ़ चुकी है। अधिकतर मेडिकल डिवाइसेज का आयात महंगा हो चुका है और यदि इन्हें मरीजों तक पहुंचाया जाता है तो उनका मेडीकल बिल बढ़ जाएगा।

Tags
Back to top button