बॉलीवुडमनोरंजन

ज़िन्दगी भर माँ – बाप के प्यार को तरसने वाली मीरा कुमारी के चाहता था पूरा देशा

उसे कभी मां बाप का प्यार नहीं मिला. अली बख्श की पहली पत्नी से एकलौती बेटी थी. जब दूसरी पत्नी से दूसरी बेटी हुई तो वे इतने दुखी हो गए कि अपनी इस बेटी को अनाथालय के दरवाजे पर छोड़ आए.

उसे कभी मां बाप का प्यार नहीं मिला. अली बख्श की पहली पत्नी से एकलौती बेटी थी. जब दूसरी पत्नी से दूसरी बेटी हुई तो वे इतने दुखी हो गए कि अपनी इस बेटी को अनाथालय के दरवाजे पर छोड़ आए. पत्नी को जब ये बात पता चली तो वह तमतमा उठी. उसके कहने पर अली बख्श बेटी को वापस उठा लाए.

बेटी घर तो आ गई, लेकिन इस लड़की को आज दुनिया मीना कुमारी के नाम से जानती थी. मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1932 को हुआ था. भले ही मीना कुमारी ने एक अभिनेत्री के रूप में खासी पहचान बनाई हो, लेकिन उनका निजी जीवन हमेशा दुखों से भरा रहा. 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी का निधन हो गया. उनकी पुण्यतिथि पर जानिए मीना कुमार किस तरह हमेशा प्रेम के ल‍िए तरसती रहीं.

मीना कुमारी ने सात साल की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. फिल्मकार कमाल अमरोही उनकी अदाकारी से प्रभावित थे, वे उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहते थे, लेकिन उनके अक्खड़ स्वभाव के बारे में जानकर मीना ने उनके साथ फिल्म करने से इंकार कर दिया.

आखिरकार पिता के दबाव के चलते मीना कुमारी को ये फिल्म करनी पड़ी. ये फिल्म तो नहीं बन सकी, लेकिन कमाल अमरोही मीना कुमारी के दीवाने जरूर हो गए. मीना कुमारी ने भी उनके प्यार को स्वीकार कर लिया, लेकिन वे कमाल से शादी नहीं कर सकती थी, क्योंकि कमाल पहले से शादीशुदा था.

बाद में जब दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ी तो बिना शादी के नहीं रह पाए. मीना के पिता इस शादी के खिलाफ थे. लेकिन कमाल के दोस्त ने मीना को यह कहकर राजी कर लिया कि वे निकाह कर लें और सही वक्‍त देखकर अब्‍बा-अम्‍मी को भी मना लेंगे. 14 फरवरी, 1952 को दोनों का निकाह हो गया.

कमाल अमरोही और मीना कुमारी के निकाह की कहानी भी दिलचस्‍प है. दो घंटे के भीतर दोनों का निकाह हुआ था. दरअसल, जिस क्लिनिक में मीना की फिजियोथेरेपी चल रही थी, वहां पिता अली बख्‍श रोज मीना को रात आठ बजे उनकी बहन मधु के साथ छोड़ देते थे और दस बजे लेने पहुंच जाते थे.

14 फरवरी 1952 को इसी दो घंटे के दौरान मीना का निकाह प्‍लान किया गया था. कमाल अमरोही के मैनेजर दोस्‍त, काजी और काजी के दो बेटों के साथ तैयार थे. अली बख्‍श के जाते ही सब क्लिनिक पर पहुंचे. काजी ने फौरन कमाल और मीना का निकाह पढ़वाना शुरू किया. काजी के दो बेटों और कमाल के दोस्‍त ने गवाही दे दी.

कमाल और मीना की इस शादी को दोनों के ही परिवार वालों ने कभी स्वीकार नहीं किया. आखिरकार इससे तंग आकर कमाल ने मीना को खत में लिख दिया कि वे इस शादी को एक हादसा मान लें. जवाब में मीना ने कहा कि वे उन्हें कभी नहीं समझ पाए, न आगे समझ पाएंगे, अच्छा होगा कि वे उन्हें तलाक दे दें.

बाद में मीना ने कमाल से इस खत के लिए माफी मांग ली. इस तरह मीना की ससुराल में एंट्री हुई. लेकिन मीना की शोहरत देखकर कमाल उनसे बेहद जलने लगे थे.

एक बार सोहराब मोदी ने अपनी फिल्‍म के प्रीमियर में मीना कुमारी और कमाल अमरोही को बुलाया. वहां चीफ गेस्‍ट महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल थे. उनसे परिचय कराते हुए सोहराब मोदी ने कहा, ये मीना कुमारी हैं. बेहतरीन अदाकारा.

और ये इनके पति हैं कमाल अमरोही. इस पर कमाल गुस्सा हो गए. उन्‍होंने जवाब दिया- मैं कमाल अमरोही हूं और ये मेरी पत्‍नी मीना कुमारी हैं. यह कहकर वे फंक्‍शन से निकल गए.

70 के दशक की शुरुआत में मीना कुमारी इतनी बीमार हो गईं कि उनका इलाज कर रहे डॉक्‍टर ने सलाह दी कि नींद लाने के लिए एक पेग ब्रांडी पिया करें. डॉक्‍टर की यह सलाह भारी पड़ी. शराब की लत ने मीना को घेर लिया. उनकी हालत लगातार खराब होती गई. 31 मार्च 1972 को मीना ने दुनिया को अलविदा कह दिया.

मीना कुमारी और कमाल अमरोही के रिश्ते में खटास बढ़ती ही गई. अमरोही ने मीना कुमारी को फिल्‍में छोड़ने के लिए कहा, लेकिन मीना ने इनकार कर दिया. तब कमाल ने तीन शर्तें रखीं.

कहा कि शूटिंग से शाम 6.30 बजे तक घर लौटना होगा, मेकअप रूम में मेकअपमैन के अलावा किसी की एंट्री नहीं होगी, सिर्फ अपनी कार में चलेंगी. मीना ने कमाल से प्‍यार के चलते ये शर्तें मान लीं. लेकिन दोनों के र‍िश्ते फिर भी नहीं सुधरे.

Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.