मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति उपयोजना की राज्य स्तरीय समिति की हुई बैठक

रायपुर:

राज्य शासन के अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के अंतगर्त अनुसूचित जाति उपयोजना समिति की राज्य स्तरीय बैठक आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अनुसूचित जाति उपयोजना की विशेष केन्द्रीय सहायता योजना मद के अंतगर्त लगभग 38 करोड़ 87 लाख रूपये के प्रस्ताव पारित किये गये।

इसमें राज्य के विभिन्न जिलों के अद्योसंरचना के कार्यो में हेंडपंप की स्थापना, निर्मलघाट, सामुदायिक भवन, अनुसूचित जाति छात्रावासों में खेल सामग्री, पुलिया तथा सी.सी. रोड सहित अन्य कार्य शामिल हैं। मुख्य सचिव ने अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतगर्त राज्य में किये जा रहे कार्यो की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग की विशेष सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति उपयोजना की विशेष केन्द्रीय सहायता मद के तहत पचास प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों को शामिल किया जाता है।

राज्य के सूरजपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर और नारायणपुर जिले को छोड़कर शेष जिलों के लगभग एक हजार 52 अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों को उप परियोजना में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से 58 करोड़ की स्वीकृति अद्योसंरचना कार्य के लिए प्राप्त हुई थी।

इस राशि में से 19 करोड़ 90 लाख रूपये के कार्यो का अनुमोदन परियोजना की पिछली बैठक में किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत बलौदाबाजार जिले के 40, बेमेतरा के 30, जांजगीर-चांपा के 30, मुंगेली के 40 तथा बिलासपुर के 35 अनुसूचित जाति बाहुल्य ग्रामों का चयन किया गया है।

इन गांवों में शत-प्रतिशत बच्चों को शाला प्रवेश तथा उनका ठहराव, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों में पचास प्रतिशत तक गिरावट लाना, प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी पात्र हितग्राहियों को फायदा पहुंचाना, गांवों को स्वच्छ बनाना, सौ प्रतिशत संस्थागत प्रसव, स्वच्छ पेयजल, शत प्रतिशत टीकाकरण, शत प्रतिशत जन्म मृत्यु पंजीयन, बाल विवाह पर प्रतिबंध, बाल मजदूरी पर प्रतिबंध, नशामुक्ति और बच्चों में शत-प्रतिशत कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, गृह एवं वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, महिला एवं बाल विकास की सचिव डॉ. एम.गीता, स्कूल शिक्षा के सचिव गौरव द्विवेदी, ऊर्जा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, कृषि, खाद्य, ग्रामोद्योग, जन शक्ति नियोजन, नगरीय प्रशासन सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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