कर चोरी को लेकर रायपुर में मीटिंग आज, जांच में सीसीएन समेत सभी की खुलेंगी कारगुजारियां

अकिंत मिंज

बिलासपुर।

प्रमुख केबल ऑपरेटर अपने धंधे को चमकाने के लिए सरकारी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्हें न तो सरकारी नियमों की चिंता है और न ही उपभोक्ताओं के हित की। यही कारण है कि केबल ऑपरेटर पूरी तरह से मनमानी पर उतर आए हैं और अपने हिसाब से कानून की व्याख्या कर रहे हैं।

अब राज्य आयुक्त संगीता पी ने सोमवार को विभागीय बैठक आहूत की है। इसमें एक-एक कनेक्शन की जांच की रणनीति बनेगी और शहर के सीसीएन समेत सभी केबल ऑपरेटरों की कारगुजारियों का खुलासा होगा।

केबल ऑपरेटरों की मनमानी

बिलासपुर में केबल ऑपरेटरों की मनमानी हर उपभोक्ता की जुबां पर हैं। उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली की जा रही है। कहीं यह शुल्क 200 रुपए है तो कहीं इससे भी कम और कहीं इससे डेढ़ गुना।

अलग-अलग क्षेत्रों में अधिक शुल्क लेने की वजह का भी केबल ऑपरेटर सही तरीके से जवाब नहीं देते हंै। सरकारी नियमों के अनुसार उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।

सबसे गंभीर बात यह है कि जिन अधिकारियों पर सरकारी नियमों के पालन की जिम्मेदारी है, वहीं नियमों का पालन नहीं करा रहे हैं। हालांकि केबल आपरेटरों का यही दावा है कि वे नियमानुसार काम कर रहे हैं।

केबल ऑपरेटर सिर्फ 94 हजार कनेक्शन का दे रहे 17 लाख टैक्स

वाणिज्यिक कर विभाग को शहर के तीन केबल संचालकों द्वारा 94 हजार ग्राहकों की संख्या बता महज 17 लाख का मनोरंजन कर जमा किया जा रहा है। इसमें सीसीएन हैथवे प्राइवेट लिमिटेड के ग्राहकों की संख्या 57 हजार, भाटिया चैनल्स के 12 हजार और गुंबर चैनल के ग्राहकों की संख्या 25 हजार बताई गई है। मनोरंजन शुल्क के नाम पर सीसीएन द्वारा 10.26 लाख, भाटिया द्वारा 2.16 लाख और गुंबर द्वारा 4.50 लाख रुपए मनोरंजन शुल्क जमा किया जा रहा है।

विभाग ने केबल संचालकों की संख्या को आंख मूंद सही मान लिया

विभाग ने भी केबल संचालकों की संख्या को आंख मूंद सही मान लिया और इन्हें लूट की खुली छूट दे दी है।
अब सख्ती की उम्मीद: राज्य आयुक्त संगीता पी. के सख्त रुख के बाद अब विभागीय अधिकारी आंकड़े एकत्र कर रहे हैं। सोमवार को विभागीय बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।

माना जा रहा है उपभोक्ताओं की वास्तविक संख्या और जमा हो रहे कर को लेकर भी दिशा.निर्देश जारी होंगे।

स्थानीय अफसर नहीं करते हैं जांच

100 करोड़ से अधिक की लूट का खुलासा होने के बाद जीएसटी विभाग अब कह रहा है कि केबल संचालकों को ग्राहकों की सही संख्या बताने के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही ये भी बताने को कहा गया है कि इसके एवज में सही टैक्स जमा किया जा रहा है या नहीं।

स्थानीय विभागीय अधिकारी भी इस मामले में पूरी तरह शांत बैठे हुए हैं और जांच पड़ताल तक नहीं कर रहे हैं।
2 माह पूर्व दिया था।

कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

मनोरंजन और सेवा कर की वसूली में प्रदेश के लगातार पिछडऩे के बाद जीएसटी के प्रदेश की आयुक्त संगीता पी ने अक्टूबर में विभाग के सभी अधिकारियों को जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए थे।

अधिकारियों को ये बताने कहा गया था कि कितने संस्थानों ने पंजीयन कराया और कितना कर जमा किया। इसकी जानकारी संभागवार बताएं। साथ ही सभी संभाग में अधिकारियों की टीम गठित कर मामले की जमीनी जांच करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर कोई काम नहीं किया गया।

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