छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्या मितानों को नियमित करने एवं 300 वंचित विद्या मितान के बहाली लिए सौंपा गया ज्ञापन

छत्तीसगढ़ विद्या मितान शिक्षक कल्याण संघ के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष एवं कोरबा सांसद को घोषणा पत्र में किए वादे अनुसार छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्या मितानों को नियमित करने एवं 300 वंचित विद्या मितान के बहाली लिए सौंपा गया ज्ञापन

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा

रायपुर : छत्तीसगढ़ विद्या मितान शिक्षक कल्याण संघ के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष एवं कोरबा सांसद को घोषणा पत्र में किए वादे अनुसार छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्या मितानों को नियमित करने एवं 300 वंचित विद्या मितान के बहाली लिए सौंपा गया ज्ञापन

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जन घोषणा पत्र के वादे

विदित हो, की सत्र 2016 से आज पर्यंत छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ, दुर्गम, बीहड़, अभावग्रस्त, नक्सल प्रभावित तथा छत्तीसगढ़ के समस्त अनुसूचित अंचल में शिक्षा का प्रसार कर रहे विद्या मितान शिक्षकों (जिसको वर्तमान सरकार ने अतिथि शिक्षक नाम दिया है) के प्रतिनिधिमंडल ने कोरबा क्षेत्र के दौरे पर आए डॉ. चरणदास महंत (विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़) एवं ज्योत्सना महंत (सांसद कोरबा लोकसभा क्षेत्र) से मिलकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जन घोषणा पत्र के वादे ( छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्या मितान शिक्षकों का यथाशीघ्र शिक्षा विभाग में नियमितीकरण किया जाएगा) को याद दिलाते हुए इसे शीघ्र पूरा कराने की मांग की, तथा कोरोना महामारी के काल में गत अप्रैल माह से आज पर्यंत 5 माह तक वेतन नहीं मिलने की समस्या से अवगत कराया गया,

छत्तीसगढ़ के मूल निवासी विद्या मितानों को नियमित करने एवं 300 वंचित विद्या मितान के बहाली लिए सौंपा गया ज्ञापन

जिसे माननीय महोदय जी के द्वारा सहानुभूति पूर्वक सुना गया, तथा तत्काल इस समस्या को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, ज्ञात हो ये वही विद्या मितान शिक्षक हैं, जो लगातार अपनी नवाचारों और आधुनिक शैली के माध्यम से दूरस्थ वनांचल के नौनिहालों की बुनियाद गढ़ रहे हैं , तथा इन क्षेत्रों के शिक्षा के स्तर को दिन प्रतिदिन नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं, इन शिक्षकों की मेहनत से ही आज सुकमा, बस्तर सहित अन्य आदिवासी अंचल के परीक्षा परिणाम राज्य में एक अलग पहचान बना चुका है,

मितान शिक्षकों

एक ओर जहां इन विद्या मितान शिक्षकों (जिसे वर्तमान सरकार ने अतिथि शिक्षक नाम दिया है) के द्वारा कठिन परिश्रम करके बेहतर परिणाम लाया जा रहा है, वही सरकार की अनदेखी से यह शिक्षक अपने भविष्य के लिए घोर निराशा, चिंता एवं तनाव में ग्रस्त होते जा रहे हैं, जोकि निश्चित ही इनके मनोबल को कम करता है सरकार को चाहिए की इनके जायज मांगों को यथाशीघ्र पूरा करें एवं इनके प्रयासों की सराहना कर इनको उचित सम्मान दें।

इनके उत्कृष्ट सेवा भाव एवं बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पूर्ववर्ती समस्त जनप्रतिनिधियों ने इनका शिक्षा विभाग में संविलियन के लिए अनुशंसा किया था, किंतु आज पर्यंत छत्तीसगढ़ के समस्त 2516 विद्या मितान शिक्षक (अतिथि शिक्षक) अपनी जायज मांगों की पूर्ति के लिए हर नेता मंत्री के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए मजबूर है, इनके समस्त मांगो तथा समस्याओं पर विचार करते हुए वर्तमान सरकार में पंचायत मंत्री बाबाजी, शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम, एवं लगभग सभी प्रमुख मंत्रियों के साथ कुछ दिनों पूर्व छत्तीसगढ़ के राज्यपाल महोदया के द्वारा भी छत्तीसगढ़ के प्रमुख सचिव को विद्या मितान शिक्षकों के शिक्षक संवर्ग में नियमितीकरण हेतु पत्र लिखा गया है,

किंतु अब तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होते देख इनकी स्थिति गंभीर होती जा रही है, लगभग 300 विद्या मितान गत डेढ़ वर्षो से सेवा से वंचित है एवं इस महामारी के भयानक संकट के दौरान आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण इनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी है, प्रदेश के मुखिया के द्वारा इनको आश्वासन एवं इनके हड़ताल के दौरान जो इनके जायज मांगों को समर्थन करते हुए नियमितीकरण के वादे अनशन तोड़ने वक्त माननीय भूपेश बघेल जी ने किया था, वही आस लगाए आज ये शिक्षक बड़ी उम्मीदों के साथ सरकार के सार्थक पहल की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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