छत्तीसगढ़

बैकुंठपुर के बाल गृह में यादगार दीवाली

कलेक्टर ने घंटों गुज़ारा वक़्त, मिठाई कपड़ा और दिए पटाखे

बैकुंठपुर: यह उन बच्चों के लिए यादगार दीवाली हो गई. माँ बाप से वंचित 24 बच्चों के लिए दीवाली के तोहफ़े मिलेंगे यह सोचना ही मुश्किल था, लेकिन बाल गृह में मौजुद इन 24 बच्चों को तोहफ़ा मिला..और मुकम्मल मिला और कुछ ऐसा मिला. जिसे वो भूल नही पाऐंगे. इन बच्चों के साथ घंटों का वक़्त गुज़ारा कलेक्टर ने ढेरों बातें की. मिठाई कपड़े तो दिए ही पटाखे भी दिए.
कलेक्टर नरेंद्र दुग्गा की इस कवायद और साथ संवाद की कसरत ने विशेष परिस्थितियों की वजह से बाल गृह मे पहुँचे बच्चों को केवल दीपावली के तोहफ़े ही नही मिले बल्कि पढ़ने और बेहतरीन बनने का सबक़ भी मिला. बाल गृह मे 24 बच्चे हैं..इनमें कई ऐसे हैं. जिनके माता पिता नही है तो कुछ के यदि पालक है तो बेहतर परवरिश की स्थिति नही है तो कुछ मानसिक रुप से कमज़ोर बच्चे भी हैं.
दीपावली के ठीक एक दिन पहले इनके बीच तोहफ़ों को लेकर डीएम नरेंद्र दुग्गा ख़ुद आ पहुँचे . देर तक बच्चों से बातचीत के दौरान..डीएम दुग्गा ने उन्हें समझाया कि पढ़ो क्योंकि पढ़ना जरुरी है ताकि वे उच्च पदों पर पहुँचे.
डीएम नरेंद्र दुग्गा ने कहा –
“मैं गया था और बच्चों से बातें की मैने उनके साथ वक़्त गुज़ारा मुझे नही पता कि वे कितने खुश हुए पर हाँ मुझे जरुर खुशी हुई उन्हें शुभ दीपावली कहने के लिए जाना मेरे लिए यादगार है”

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बैकुंठपुर के बाल गृह में यादगार दीवाली
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