छत्तीसगढ़

वैज्ञानिकों ने बताई धान उत्पादन की विधियां

जगदलपुर: कृषि विज्ञान केन्द्र बस्तर की ओर से तोकापाल के कोण्डालूर में धान की कतार बोनी पर प्रक्षेत्र दिवस कार्यक्रम किया गया । केन्द्र की ओर से ग्राम बडेचकवा, कोण्डालूर, सिंधनपूर, पल्लीगॉव में इंदिरा राजेश्वरी (आईजीकेवीआर-1), दुर्गेश्वरी (आईजीकेवीआर-2) कर्मामासुरी, सम्लेश्वरी, दंतेश्वरी, एमटीयू 1001 धान फसल के किस्मों पर प्रदर्शन लगाए गए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉं. डीएस ठाकुर , अधिष्ठाता उद्यानिकी महाविद्यालय और अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. जीपी आयाम, स्वाति ठाकुर विषय वस्तु विशेषज्ञ, अमलु राम कश्यप ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कोण्डालूर के उपसरपंच लैखन बघेल और 100 कृषक और महिला कृषक उपस्थित थे।
केंन्द्र प्रमुख डॉ. जीपी आयाम ने उन्नत खेती करने की जानकारी दी। साथ ही किसानों को मरहान में उड़द, मूंग, अरहर की खेती करने की सलाह दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉं. डीएस ठाकुर ने अपने उद्बोधन में धान की कतार बोनी की आवश्यकता और मृदा परीक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। स्वाति ठाकुर ने धान उगाने की एसआरआई (श्री) पद्धति और धान में जैविक उर्वरकों का उपयोग की जानकारी दी। साथ ही आगामी रबी मौसम के लिए चना, मटर, सरसों, अलसी, के प्रदर्शन की जानकारी दी। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अमलु राम कश्यप ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे गए।

Summary
Review Date
Reviewed Item
वैज्ञानिकों ने बताई धान उत्पादन की विधियां
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.