राष्ट्रीय

4 साल में इंदौर-भोपाल में दौड़ने लगेगी मेट्रो, केंद्र ने दी मंजूरी

नई दिल्ली।

मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने इन दोनों शहरों में मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। चुनावी साल में यहां के लोगों के लिए यह बड़ा तोहफा होगा। परियोजना के लिए धनराशि की मंजूरी से लेकर इसे पूरा करने की अवधि चार साल मुकर्रर कर दी गई है। दोनों शहरों में बनने वाली मेट्रो रेल परियोजना पर आने वाली कुल लागत में केंद्र व राज्य सरकार की हिस्सेदारी आधी-आधी होगी।

मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी देने आए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने “एमपी मेट्रो रेल परियोजना” के मसौदे को मंजूरी दी है। भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना पर कुल 6941 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुल 27.87 किमी लंबाई में मेट्रो चलेगी। इसमें दो कारिडोर होंगे, जिसमें पहला करोंद सर्कल से एम्स तक जाएगा। इसकी लंबाई 14.99 किमी होगी। जबकि दूसरा कारिडोर भदभदा स्क्वायर से रत्नागिरी तिराहा तक जाएगा। इसकी लंबाई 12.88 किमी होगी। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के सभी प्रमुख हिस्से परस्पर जुड़ जाएंगे।

पहले 14.99 किमी लंबाई के कारिडोर पर कुल 16 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें दो स्टेशन अंडर ग्राउंड होंगे और बाकी 14 एलिवेटेड बनाए जाएंगे। वहीं दूसरे 12.88 किमी लंबाई के कारिडोर पर 14 स्टेशन होंगे, जो एलिवेटेड होंगे।

मध्य प्रदेश का दूसरे बड़े शहर इंदौर में भी मेट्रो रेल चलाने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। इंदौर में 31 किमी लंबी मेट्रो रेल से पूरा शहर जुड़ जाएगा। इस पर कुल 7500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह परियोजना रिंग लाइन बनेगी, जिसमें बंगाली स्क्वायर, विजयनगर, भंवरकुआं, एयरपोर्ट, पलासिया से फिर बंगाली स्क्वायर पहुंचेगी। इस रिंग लाइन मेट्रो पर कुल 30 स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे इन शहरों की आंतरिक यातायात प्रणाली पूरी तरह मजबूत हो जाएगी। यह परियोजना भी चार वर्षों में पूरी की जाएगी।

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