ट्रेन की बोगी का AC फेल, ऐसे बना दिया स्लीपर

लखनऊ: बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहे रेलवे प्रशासन की रफ्तार कितनी सुस्त है इसकी बानगी शनिवार दोपहर को चारबाग रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली।

दरअसल सूरत से शुक्रवार को मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हुई सूरत एक्सप्रेस का एसी सिस्टम शनिवार को ग्वालियर में फेल हो गया।

थर्ड एसी कोच के यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन करीब 400 किलोमीटर का सफर तय कर आई, लेकिन रेलवे यह समस्या दूर नहीं कर पाया।

रेलवे की लापरवाही से आक्रोशित यात्रियों ने शनिवार को लखनऊ रेलवे स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा किया।

लोगों को शांत करवाने के लिए स्टेशन मैनेजर बलजोत सिंह गिल ने कोच के 4 शीशे निकलवाकर ट्रेन रवाना करवा दी।

यात्रियों ने रेलवे को नियम याद दिलाते हुए एसी और स्लीपर के किराए का डिफरेंस वापस किए जाने की मांग की है।

… तब जाकर रवाना हुई ट्रेन

सूरत एक्सप्रेस दोपहर 3:15 बजे जब चारबाग स्टेशन पहुंची तो यात्रियों ने गाड़ी से उतरकर हंगामा शुरू कर दिया।

यात्रियों ने कोच बदलवाने की मांग की, लेकिन अतिरिक्त एसी कोच न होने के कारण अधिकारियों ने कोच बदलने से इनकार कर दिया।

समस्या का कोई समाधान समझ नहीं आया तो स्टेशन मैनेजर ने कोच के शीशे तोड़ने का आदेश दे दिया।

मकैनिकल सुपरवाइजरों ने तकनीकी कर्मचारियों को बुलाकर फ्रेम से शीशे निकलवाए।

कोच के चार शीशे निकालकर उसे स्लीपर कोच में तब्दील कर पौने पांच बजे ट्रेन रवाना की गई।

रेलवे की दलील

यात्रियों का कहना है कि उन्होंने जब कोच अटेंडेंट से शिकायत की तो उसने एसी की खराबी ठीक करने की काफी कोशिश की।

लेकिन ट्रेन के आगरा पहुंचने तक एसी प्लांट की खराबी ठीक नहीं हो सकी। कानपुर में एसी ठीक करवाने का भरोसा दिया गया। कानपुर में भी एसी ठीक नहीं करवाया गया।

हालांकि शिवेन्द्र शुक्ल (सीनियर डीसीएम, नॉर्दर्न रेलवे) का कहना है कि लखनऊ में अतिरिक्त थर्ड एसी कोच न होने की वजह से कोच नहीं बदला जा सका।

स्लीपर कोच के लिए यात्री तैयार नहीं थे। ऐसे में कोच के शीशे निकलवाने पड़े।

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