पांच दिन की रिमांड पर मिशेल, CBI उगलवाएगी 225 करोड़ की रिश्वत का राज

पूर्व वायुसेना प्रमुख को किया गया था गिरफ्तार

नई दिल्ली :

पांच दिन की रिमांड पर भेजे गए मिशेल से जांच एजेंसी उन नेताओं, नौसेना अधिकारियों के नाम जानने की कोशिश के साथ अगस्ता-वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर रिश्वत मामले के आरोपी और ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल से सीबीआई 225 करोड़ की रिश्वत का पैसा कहां से आया और कहां गया, इसका राज उगलवाएगी।

पटियाला हाउस कोर्ट में विशेष सीबीआई जज अरविंद कुमार से जांच एजेंसी के विशेष वकील डीपी सिंह ने कहा कि मिशेल पर 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में करीब 37.7 मिलियन यूरो यानी 225 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। इस पैसे का स्रोत का पता लगाने के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है।

सिंह ने बताया कि जांच के दौरान मिले दस्तावेज से यह बात सामने आई है कि उसने कई कंपनियों के साथ फर्जी समझौते किए थे लेकिन इन पर कभी भी व्यावसायिक तौर पर अमल नहीं किया। इनके सहारे दुबई में बैंक खाते खोले गए।

इनमें से दो खातों में 225 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी लेकिन उसके बाद यह राशि किस को दी गई, इसका पता आरोपी से करना है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है और इस दौरान दस्तावेज के संबंध में जांच, रुपये का स्रोत का पता लगाने तथा उसके साथ शामिल दूसरे लोगों का पता लगाने के लिए मिशेल से पूछताछ करना जरूरी है।

वहीं दूसरी ओर मिशेल की ओर से बचाव पक्ष के वकील अल्जो के जोसेफ ने जमानत याचिका दायर कर कहा कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो दस्तावेज एजेंसी अब कोर्ट में पेश कर रही है, उन्हें कभी भी किसी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पेश नहीं किया गया, जबकि सीबीआई को इसका कई बार मौका दिया गया था।

यह मामला 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़ा है। इस डील को करने वाली फिनमेकेनिका कंपनी को ठेका देने के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ान की अधिकतम सीमा को घटाने का आरोप लगा था।

सीबीआई का आरोप था कि उड़ान की ऊंचाई की सीमा घटाने के लिए कई सौ करोड़ रुपये की घूस दी गई। एजेंसी का आरोप है कि ऊंचाई की अधिकतम सीमा तत्कालीन वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी की सहमति से कम की गई थी।

सीबीआई ने इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके भाई जूली त्यागी, वकील गौतम खेतान को दिसंबर 2015 में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने इसके बाद दुबई की महिला कारोबारी शिवानी सक्सेना को भी जुलाई 2017 में गिरफ्तार किया था।

जांच के बाद इन आरोपियों व मिशेल के खिलाफ 30 सितंबर 2017 को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआई की एफआईआर के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए अलग शिकायत दर्ज की थी।

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