मिशेल नहीं चाहता था की राफेल डील में हो सौदा, 2011 में कर रहा था सौदेबाजी

2007 में जब भारत की ओर से 126 मीडियम मल्टी रोल एयरक्राफ्ट खरीदने की बात कही गई

नई दिल्ली

राफेल विमान सौदे से से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है. जिस दौरान पूर्व की यूपीए सरकार राफेल विमान को लेकर सौदा कर रही थी तब वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड डील में बिचौलिया रहा क्रिश्चियन मिशेल, 2011 में राफेल विमान के खिलाफ सौदेबाजी कर रहा था.

2007 में जब भारत की ओर से 126 मीडियम मल्टी रोल एयरक्राफ्ट खरीदने की बात कही गई, तो कई कंपनियों ने बोली लगाई. तब फ्रांस के राफेल के सामने कुल 5 कंपनियां इस जद्दोजहद में थीं.

2011 तक सिर्फ दो ही विमान आमने-सामने थे, एक दसॉल्ट राफेल और दूसरा यूरोफाइटर टाइफून. क्रिश्चियन मिशेल यूरोफाइटर टाइफून की ओर से मैदान में था.

इस काम के लिए सिर्फ 3 कैंडिडेट


कागजों के मुताबिक, मिशेल और उसके जोड़ीदार कह रह थे कि इस काम के लिए सिर्फ 3 कैंडिडेट हैं इनमें से एक ही उपलब्ध है. इसमें कहा गया है कि नेताओं के अलावा एयरफोर्स के तीन प्रमुखों को भी मनाने की जरूरत है, इनमें चीफ ऑफ एयर कमांड, एयर ऑफिसर मेंटेनेंस और चीफ ऑफ इंजीनियरिंग शामिल थे.

गौरतलब है कि इस समय क्रिश्चियन मिशेल अगस्ता वेस्टलैंड डील से जुड़े मामले में सीबीआई और ईडी की कस्टडी में है. जबकि Guido Haschke भी वही बिचौलिया है जिसका नाम डील में शामिल था.

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