मध्यान्ह भोजन के रसोइये पदयात्रा कर रायपुर पहुंचेंगे, 22 तक करेंगे महापड़ाव

रायपुर :

सीटू से सम्बद्ध मध्यान्ह भोजन के श्रमिक राज्य व् केंद्र सरकार की उन्हें न्यूनतम जीवन जीने लायक वेतन से वंचित करने और वर्तमान में दी जाने वाली 1200 रूपये के मानदेय की राशि में कोई बढ़ोतरी न किये जाने के विरोध में राज्य सरकार से अपनी जायज मांगो के लिए गुहार लगाने 18 सितम्बर से पदयात्रा प्रारंभ कर 19 सितम्बर की शाम तक रायपुर पहुचेंगे .

धमतरी जिल्ले से आज सुबह यह पदयात्रा प्रारंभ हो चुकी है . रायपुर में 20 सितम्बर से 22 सितम्बर तक मध्यान्ह भोजन श्रमिक महापड़ाव करेंगे तथा 22 सितम्बर को मुख्यमत्री निवास की ओर कूच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे . उल्लेखनीय है की 2013 से लगातार ये श्रमिक सरकार से अपनी जायज मांगो को लेकर अपील कर रहे है लेकिन 6 घंटे से अधिक समय तक स्कूल में काम करने के बावजूद इन श्रमिको को कलेक्टर दर की न्यूनतम मजदूरी, प्रसूति अवकाश जैसी बुनियादी अधिकारों से भी वंचित रखा गया है .

सीटू सभी मिड डे मिल श्रमिको को चतुर्थ श्रेणी का सरकारी कर्मचारी घोषित करने, कलेक्टर दर की मजदूरी का भुगतान करने, केंद्र स्तर पर 2000 रूपये की बढ़ोतरी लागु किये जाने, 45 वे श्रम सम्मलेन की अनुशंषा के अनुसार इन श्रमिको को पेंशन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि, चिकित्सा सुविधा देने, इस योजना के निजीकरण पर रोक लगाने, 9 वी से 12 वी के बच्चो को भी मध्यान्ह भोजन दिए जाने, शहर में एन जी ओ द्वारा भोजन बंद कर इसे स्कूल में ही बनाये जाने की मांग की है .

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