छत्तीसगढ़

किसान हितैषी योजनाओं से रुका मजदूरों का पलायन : डॉ. रमन

रायपुर : केन्द्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से छत्तीसगढ़ में खेती का बेहतर विकास हो रहा है और रोजगार के लिए गांवों से मजदूरों का पलायन भी रुका है। प्रदेश के किसानों को धान का बोनस देने का जो संकल्प हमने लिया था, वह बोनस तिहार के जरिये पूरा हो रहा है। किसानों को पिछले साल का बोनस इस वर्ष दीपावली से पहले ऑन लाइन दिया जा रहा है। रविवार को ये बातें मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कही। वे यहां ग्राम बेमेतरा और खरोरा में आरोजित बोनस तिहार के मौके पर लोगों से मुखातिब थे ।

एक बटन दबा और खाते में पहुँच गई बोनस की राशि : मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बेमेतरा नया जिला है। पांच साल पहले इसका गठन किया गया था । जिला बनने के बाद यहां जनता की सुविधा के लिए अधोसंरचना विकास कार्य में तेजी आई है। बोनस तिहार के दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लैपटाप का बटन दबाकर दोनों जिलों के एक लाख 67 हजार से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में वर्ष 2016 के धान का बोनस 256 करोड़ 61 लाख रुपए की राशि बांटी। मुख्यमंत्री ने बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित बोनस तिहार में 74 हजार 114 किसानों को 115 करोड़ 58 लाख रुपए और खरोरा में रायपुर जिले के 93 हजार 257 किसानों को लगभग 141 करोड़ रुपए धान का बोनस देकर शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने दोनों कार्यक्रमों में प्रतीक चिन्ह के रूप में किसानों धान बोनस का प्रमाण पत्र भेंट किया। बेमेतरा के बोनस तिहार में मुख्यमंत्री के साथ कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले, सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, विधायक अवधेश चंदेल और पूर्व सांसद सरोज पांडेय सहित विभिन्न संस्थाओं के अनेक पदाधिकारी और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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