छत्तीसगढ़

अंबुजा और हिंडाल्को को परमिट नहीं दे रहा खनिज विभाग..! कई नौकरियों पर आई आफत

 दोनों की कोयला खदानों से डिस्पैच बंद..! भारी नुकसान के कारण हो सकती है कास्ट कटिंग..

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़ : राज्य सरकार ने कोयला परिवहन के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल से पास जारी होने के पूर्व मैन्युअली एक प्रारूप में खनिज विभाग से परमिट लेने का नियम बनाया है लेकिन हिंडाल्को और अंबुजा के आवेदनों पर अनुमति नहीं दी जा रही है। खनिज विभाग ने स्टॉक वेरिफिकेशन का बहाना बनाकर दोनों कंपनियों के आवेदन लटका दिए हैं।

कोयला परिवहन को डिजिटल बनाने और पारदर्शिता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल की देशभर में शुरुआत की गई थी ।ईसका उद्देश्य था कि कंपनियों को अब टीपी बुक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने नहीं पड़ेंगे। साथ ही समय भी बचेगा कोई गड़बड़ी होगी तो उसे फील्ड पर पकड़ा जा सकता है लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने पुराना दौर वापस लाने के लिए परमिट का आदेश दिया है। सरकार ने सभी जिलों के खनिज विभाग को आदेश दिया है कि अब कोई भी कोल परिवहन की ऑनलाइन टीपी के पूर्व मैन्युअली अनुमति लेगा।

अंबुजा सीमेंट ने 4/8 माईंस से भाटापारा स्थित प्लांट तक कोयला सप्लाई करने के लिए अनुमति मांगी है।
इसी तरह हिंडाल्को ने गारे पेलमा 4/4 माइंड से झाड़सुगुड़ा और संबलपुर प्लांट कोयला भेजने के लिए मांगी है लेकिन दोनों को अनुमति देने में खनिज विभाग देरी कर रहा है ।दोनों कंपनीयों की ओर से कई बार विभाग से निवेदन किया जा चुका है लेकिन उपसंचालक ने फाइल रोक रखी है। पूछने पर कहा जाता है कि स्टाक आदिकी जांच के बाद इस पर अनुमति दी जाएगी।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला गाड़ियां छुटीं

खनिज विभाग की टीम ने करीब 1 महीने पहले पूंजीपथरा रोड में हिंडाल्को और अंबुजा की करीब दर्जनभर गाड़ियों को जप्त करके थाने में सुपुर्द किया था खनिज विभाग में ना तो कोई प्रकरण दर्ज किया और ना ही कोई कार्रवाई की।
ओडिशा के मां तारणी ट्रांसपोर्ट संचालन ने ईसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिस दिन सुनवाई थी उसके 1 दिन पहले खनिज विभाग में सभी गाड़ियों को छोड़ दिया।

नौकरियां जाने की नौबत

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनी ईतने महंगी दरों पर दो कोल ब्लॉक लेकर पछता रही है ।एक माईंस तो पूरी तरह बंद है, उस पर से अब परमिशन के लिए उन्हे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं ।अंबुजा सीमेंट ने भी ज्यादा कीमत पर खदान ली है जिसके कारण कास्ट बढ़ गई है ।

डिस्पैच बंद होने के कारण अब दोनों कंपनियों में नौकरीयां जाने की नौबत आ गई है। उत्पादन करके ज्यादा दिन तक कोयला भंडारण करना भी मुश्किल है क्योंकि आगे आग लगने की संभावना होती है अब कंपनियों में छटनी की नौबत आ गई है।

क्या कहते हैं सोनकर

“दोनों कंपनियों के आवेदनों पर रिपोर्ट नहीं आई है। ऑनलाइन टीपी के पूर्व परमिशन लेना है स्टॉक वेरिफिकेशन आदि की रिपोर्ट मिली नहीं है।”

-एन एल सोनकर उपसंचालक खनिज विभाग

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button