मंत्री कवासी लखमा बोले-आबकारी एक्‍ट में फंसे 320 आदिवासियों की जल्द होगी रिहाई

रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 320 लोगों की रिहाई जल्द होगी. आगामी 20 दिनों में किया जाएगा मामलों का निराकरण, इसके लिए संबंधित जिले के एसपी और थानों से जानकारी मांगी गई है.

मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जानकारी प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में दी. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय निर्दोष आदिवासियों को जेल भेजा गया है, जिसे कांग्रेस सरकार ने गंभीरता से लिया है, लेकिन चुनावी समय में इसको लेकर कुछ विलंब हुआ है.

मंत्री लखमा ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एके पटनायक की अध्यक्षता में बनी कमेटी की बैठक गुरुवार को हुई, बैठक के बाद कमेटी ने अपनी सिफारिश राज्य सरकार को भेजी है. बैठक में आबकारी मामलों के साथ ही दूसरे आपराधिक मामलों पर भी चर्चा हुई.

इसी तरह बस्तर के सरपंच व प्रतिनिधिमंडल में करीब 30 की संख्या में पहुंचे लोगों ने हमारे साथ गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी मुलाकात की. हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी इस बात को शामिल किया था. हमने कहा था कि पूर्व सरकार के समय जिन निर्दोष आदिवासियों को जेल भेजा गया था, कांग्रेस की सरकार आएगी तो हम उन्हें रिहा करेंगे.

इसी बात को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पालनार में 3 दिन की हड़ताल की थी, उस समय हमारे विधायक देवती कर्मा, विक्रम मंडावी ने जाकर कहा था कि इस बात को गंभीरता से लिया जाएगा और मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी. इसी संबंध में गुरुवार को बस्तर के लोगों ने हमारे साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की और मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेकर जल्द रिहाई का आश्वासन दिया.

मंत्री लखमा ने कहा कि न्यायमूर्ति पटनायक कमेटी में सामाजिक और राजनीतिक लोगों को भी शामिल करने की मांग की गई, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ इंकार कर दिया. मंत्री लखमा ने उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक में वीरप्पन के समर्थक भी जेल गए थे, जिन्हें बाद में छोड़ा गया.

लोग बाद में कानूनी पेच में भी फंसे. सरकार चाहती है कि आदिवासियों के इस गंभीर मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए. मंत्री लखमा ने स्वीकार किया कि इस मामले में थोड़ी देर चुनावी समय के चलते हुई. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव फिर लोकसभा और उसके बाद बस्तर में उपचुनाव हुए.

अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दो बैठक हुई है और कमेटी ने गंभीरता से लिया है. मंत्री लखमा ने कहा कि पहले 320 लोगों को जल्दी रिहा किया जाएगा. दूसरी बैठक में जो बस्तर में निर्दोष आदिवासी है उन पर ध्यान दिया जाएगा. कम अपराधिक प्रकरण वाले पहले व अधिक वाले बाद में छूटेंगे.

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