आडवाणी के बाद अब मंत्री मुरली मनोहर का भी चुनावी रेस से बाहर होने की संभावना

मुरली मनोहर जोशी भी आडवाणी की ही तरह पार्टी के ‘मार्गदर्शक मंडल’ सदस्य

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के बाद अब कानपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी को भी चुनावी रेस से बाहर किया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आरएसएस ने पार्टी में युवा नेतृत्व को उभारने के लिए यह कार्य योजना तैयार की है।

मुरली मनोहर जोशी भी आडवाणी की ही तरह पार्टी के ‘मार्गदर्शक मंडल’ के सदस्य हैं। माना जा रहा है कि संघ परिवार ने जनप्रतिनिधि बनने के लिए 75 साल की उम्रसीमा निर्धारित की है।

अब तक जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट में बीजेपी ने उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों बीसी खंडूरी (पौड़ी-गढ़वाल) और भगत सिंह कोश्यारी (नैनीताल-उधम सिंह नगर) को भी चुनावी समर से बाहर कर दिया है। पार्टी ने उत्तराखंड के अध्यक्ष तीरथ सिंह रावच को खंडूरी की जगह उतारा है, जबकि कोश्यारी की सीट अजय भट्ट को दी गई है।

देवरिया से 2014 में सांसद चुने गए कलराज मिश्र की आयु भी 75 वर्ष से अधिक है और उन्होंने खुद ही चुनाव लड़ने से इनकार किया है। झारखंड के खूंटी से सांसग करिया मुंडा के भी टिकट कटने की अटकलें हैं। इसके अलावा मधुबनी हुकुमदेव नारायण देव यादव की जगह उनके बेटे अशोक यादव को टिकट दिया गया है।

इंदौर से लगातार सांसद बनती रहीं सुमित्रा महाजन और हिमाचल के पूर्व सीएम शांताकुमार को भी मैदान से बाहर करने की चर्चाएं हैं। आंध्र प्रदेश की सिकंदराबाद सीट से बंडारू दत्तात्रेय की जगह पार्टी ने किशन रेड्डी को उतारा है। बंडारू मोदी सरकार में श्रम मंत्री रहे हैं।

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