विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा, उनके परिवार से कोई नहीं लड़ेगा चुनाव, अप्रत्यक्ष प्रणाली को बताया सही

रायपुर. रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा है कि वे इस बार पार्षद चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि मैं पार्षद चुनाव नहीं लड़ूंगा, जो पार्षद के उम्मीदवार हैं और जो राजनीति में हैं उन्हें भी मौका मिलना चाहिए। वे लड़ें, नए लोग आगे आएं और महापौर बनें। विधायक जुनेजा ने कहा कि मुझे पार्टी ने तीन बार विधायक का टिकट दिया और मैं दो बार विधायक बना हूं।

पार्टी का जो भी आदेश होगा, पार्टी जिसे सीट देगी मैं, मेरा परिवार और मेरे साथी उसके लिए काम करेंगे। विधायक जुनेजा आज वृद्धाश्रम के सदस्यों को जंगल सफारी घूमाने ले गए हैं। इससे पहले उन्होंने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय के चुनाव में मेरे परिवार से भी कोई दावेदार नहीं है। हमारे परिवार से कोई पार्षद चुनाव नहीं लड़ेगा। विधायक जुनेजा ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर के चुनाव को सही बताते हुए कहा कि पार्षदों के साथ एक दिक्कत आती है, यदि हम सीधे महापौर चुनते हैं और पार्षद यदि दूसरी पार्टी के हो जाते हैं तो दोनों के मध्य में 5 साल विवाद ही चलता रहता है।

अप्रत्यक्ष प्रणाली को बताया सही; कुलदीप जुनेजा

इसमें यह होगा कि जिस पार्टी के पार्षद ज्यादा आएंगे, उसकी पार्टी का महापौर बनेगा, तो कम से कम दोनों एक साथ मिल-जुलकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्षद कोई पार्टी का बने, महापौर कोई पार्टी का बने सबकी एक ही इच्छा रहती कि हमारे शहर में विकास करें। हम लोग ज्यादा-ज्यादा विकास कर सकें। पार्षदों के साथ जनता का ज्यादा जुड़ाव रखता है, जनता ज्यादातर पार्षदों से मिलती है, न कि विधायक और सांसदों से।

ये राजनीति की एक सीढ़ी है और इसी सीढ़ी के कारण मैं भी पार्षद रहा और इस सीढ़ी के कारण ही पार्टी ने मुझ पर विश्वास किया और मुझे टिकट दिया, जिसके कारण ही मैं विधायक बना। सभी के लिए यह सीढ़ी है, इस सीढ़ी में सब को जरूर चढऩा चाहिए। इससे अनुभव होता है और जनता से जुडऩे बहुत अच्छा मौका मिलता है।

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