विधायक ने कहा शहर विकास पर दें पूरा ध्यान आयुक्त बोले फंड की कमी से जूझ रहा निगम

अंकित मिंज

बिलासपुर। लंबी जद्दोजहद और नाराजगी के बाद आखिरकार निगम आयुक्त और अफसर नवनिर्वाचित नगर विधायक शैलेष पाण्डेय के साथ नगर विकास के लिए चर्चा करने छत्तीसगढ़ भवन में बैठे।

नगर विधायक ने 400 करोड़ की सीवरेज परियोजना की सफलता को लेकर संदेह जाहिर करते हुए हाईड्रोलिक टेस्ट कराने और सही होने पर आगे कार्य कराने की चेतावनी दी तो अफसरों ने सिंप्लेक्स कंपनी पर बार-बार कहने के बाद भी टेस्ट के लिए तैयार न होने की बात कही।

अफसरों ने बताया कि इसके लिए शासन को पत्र भेजकर निजी एजेंसी से टेस्टिंग कराने अनुमति मांगी गई है। रविवार को छत्तीसगढ भवन के कक्ष क्रमांक 1 में हुई बैठक में नगर विधायक ने निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में किए जा रहे भारी भरकम खर्च को लेकर भी जवाब-तलब किया कि इसके लिए फंड कहां से आएगा।

उन्होंने सड़कों की सफाई पर तो संतोष जाहिर किया परंतु नाले-नालियों की सफाई न होने और इसे दुरुस्त कराने चेतावनी दी। वहीं गर्मी में होने वाले जलसंकट से निबटने के लिए की गई प्लानिंग को लेकर जब उन्होंने सवाल किया तो अफसरों ने अमृत मिशन पायलट प्रोजेक्ट से समस्या का निदान होने की बात कही।

गंभीरता से उठाएं कदम

नगर विधायक ने कहा कि वो जब होगा तब होगा अभी तालापारा समेत ऐसी अन्य बस्तियों के लिए क्या उपाय करेंगे ? यहां हैंडपंप लगाकर समस्या का निदान करने कहा।

वहीं लगातार गिर रहे जलस्तर के बाद भी रेनवाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर पैसा जमा कराकर की जा रही खानापूर्ति को बंद कर इसके लिए गंभीरता से कदम उठाकर जनजागृति करने निर्देश दिए।

इसके अलावा सुलभ शौचालयों की सफाई,निगम के सामुदायिक भवनों में बेजा कब्जे और मनमानी को दूर कर सभी भवनों की चाबी मंगाकर इसका संचालन निगम से कराने की हिदायत दी।

कमजोर राजस्व वसूली को लेकर आयुक्त से जवाबतलब</p>

विधायक ने ठेके पर देने के बाद भी कमजोर राजस्व वसूली को लेकर भी आयुक्त से जवाब तलब किया। आयुक्त ने कहा निगम की हालत खस्ताहाल आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ने बैठक में फंड की कमी का हवाला देते हुए कहा कि निगम की माली हालत चिंतनीय है।

उन्होंने बताया कि चुंगी क्षतिपूर्ति के 11 करोड़ रुपए मिलने बंद हो गए। टैक्स भी आधा किया जा रहा है इससे निगम के संचालन में दिक्कत आएगी निगम आयुक्त ने निगम के संचालन के लिए 30 से 40 करोड़ की आवश्यकता जताई जिस पर विधायक ने कहा कि वे इसके लिए शासन स्तर पर चर्चा कर फंड की व्यवस्था कराने प्रयास करेंगे।

उदासीनता बर्दाश्त नहीं करूंगा-शैलेष

छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नवनिर्वाचित नगर विधायक शैलेष पाण्डेय ने कहा कि विकास कार्यों के लिए बार-बार डेडलाइन बदलने से जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वे इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे तय समय सीमा पर काम कराया जाएगा एेसा नहीं चलेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने इतने ठेके दे रखे हैं वसूली हो नहीं पा रही है दिक्कत तो होगी ही।

इन्हीं सबकी समीक्षा करने आया हूं कि इतना फंड आ रहा है, वह कहां जा रहा है क्यों जनता को तकलीफ दी जा रही है। कैसे व्यवस्थित ढंग से आपस में समन्वय बनाकर सबको साथ लेकर काम किया जा सकता है निगम की भी अपनी परेशानी है जिसे मिलजुलकर दूर करने प्रयास करेंगे।

अमृत मिशन को उन्होंने जनहित की योजना बताते हुए कहा कि कोशिश की जाएगी कि इस कार्य में किसी के मकान आ रहे हैं तो उसे बचाते हुए काम कराया जाए। वहीं स्मार्ट सिटी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी क्या गाइडलाइन है क्या हुआ है ? क्या होना है पहले वे इसे जान लें फिर आगे निर्णय लिया जाएगा।

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