राष्ट्रीय

मोदी नहीं, RSS के बूते भाजपा को मिली थी 2014 की जीत

- संघ प्रमुख भागवत की आत्‍मकथा में खुलासा

नई दिल्ली।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की नई आत्मकथा में भाजपा की 2014 की जीत के लिए संघ को कारण बताया गया है। कहा गया है कि 2019 में होने वाली जीत भी संघ के कारण ही होगी।

मोहन भागवत: इन्फ्लूएंशर-इन-चीफ के शीर्षक से प्रकाशित इस पुस्तक के लेखक किंगशुक नाग हैं। किंगशुक इससे पहले आठ लोगों की आत्मकथा लिख चुके हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आत्मकथा भी शामिल है जिसमें मोदी का भविष्य भागवत के हाथ में बताया गया है।

लेखक ने संघ के बड़े विचारकों के हवाले से बताया है कि आरएसएस का स्पष्ट मानना है कि 2014 में भाजपा की जीत न तो मोदी की लोकप्रियता और न ही संप्रग सरकार की असफलता से मिली।

बल्कि यह संघ द्वारा जमीनी स्तर पर वर्षो तक किए गए कार्यो का नतीजा थी। इन कार्यो से सामाजिक बदलाव की जमीन तैयार हुई जिसके कारण चुनाव में भाजपा की जीत संभव हो सकी।

पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी की स्थिति को समीक्षा के दायरे में बताया गया है। बताया गया है कि 2014 में भी मोदी भागवत की पहली पसंद नहीं थे।

तब मोदी को भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार इसलिए घोषित किया गया था क्योंकि संघ का भी मानना था कि वही ऐसे नेता हैं जिनके नेतृत्व में भाजपा सरकार बनाने के करीब तक पहुंच सकती है।

2014 से पहले संघ चुनाव में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को लेकर सशंकित था। रूपा पब्लिकेशन के प्रकाशन वाली 240 पेज की इस पुस्तक में कहा गया है कि 2019 का चुनाव मोदी के लिए ‘करो या मरो’ वाली स्थिति का होगा।

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मोदी नहीं, RSS के बूते भाजपा को मिली थी 2014 की जीत
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